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मुर्गाबाजार में मंदी

कमल की ‘नाथ’
लगता है भाजपा अपने ही रचे चक्रव्यूह में फंस गई है। कल यानी १७ मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा राज्यपाल लालजी टंडन को लिखे पत्र (अ.शा. पत्र क्र.१८/मुमनि) को अगर सच माना जाए तो मध्य प्रदेश में भाजपा का सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विधानसभाध्यक्ष के पास लंबित है। जाहिर है कमलनाथ चाहते हैं कि विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार बचे या गिरे, दोनों ही स्थितियों में उनका लाभ है। भाजपा की रणनीति है कि बागी विधायकों की गैरहाजिरी में फ्लोर टेस्ट हो, जिससे सरकार सदन में हार जाए। इसलिए कांग्रेस ने साफ कर दिया है जब तक बागी विधायक सदन में नहीं आएंगे फ्लोर टेस्ट नहीं होगा। ऐसा कर कमलनाथ भाजपा सहित सिंधिया को भी नाथना चाहते हैं। सदन में व्हिप का पालन न करने पर बागियों पर अयोग्यता की तलवार लटकी रहेगी। अगर अयोग्य हो गए तो उपचुनाव में भाजपा टिकट देने से रही। यही कारण है की बंगलुरु में विधायक यह नहीं कह रहे हैं कि वे भाजपा में जा रहे हैं। सबसे बड़ी भद्द सिंधिया की पिट रही है। अंदरखाने की खबर यह है कि बागियों को साधने की जिम्मेदारी उन पर ही डाल दी गई है। अगर सरकार बच गई तो कमलनाथ की नाक बच जाएगी और अगर सरकार गिर गई तो सहानुभूति का लाभ उपचुनाव में भुनाने का अवसर मिलेगा। भाजपा नेतृत्व सीधे इस मसले में उलझने से बच रहा है इसलिए शिवराज सिंह कमान संभाले हुए हैं। पार्टी महाराष्ट्र जैसी स्थिति से बचना चाहती है।
गाइड कौन ?
बिहार में महागठबंधन की आपसी सिरफुटव्वल चरम पर है। परसों सोमवार को अवाम मोर्चा के मुखिया जीतनराम मांझी ने बिहार राजद अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बयान पर उंगली उठाई तो राजद ने मंगलवार को साफ कहा कि जिसकी जितनी हैसियत होगी, उसके हिसाब से उसको सीट दी जाएगी। मांझी दबाव की राजनीति न करें। वे कहीं और से गाइड हो रहे हैं। इस तरह अपने सहयोगियों पर आंख गुरेरना अच्छी बात नहीं है। इस पर मांझी के खेमे से जवाबी सवालिया बयान दागा गया कि मांझी किसी से गाइड नहीं होते। उनकी उम्र तेजस्वी यादव की उम्र से तिगुनी है। हम तो पूछते हैं कि तेजस्वी कहां से गाइड हो रहे हैं, राजद के लोग कहां से गाइड हो रहे हैं? पहले ये बताएं। दरअसल जगदानंद सिंह ने कहा था कि महागठबंधन के नेता केवल लालू प्रसाद यादव हैं और जिसे यह स्वीकर नहीं, वह बाहर जा सकते हैं। इधर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि तेजस्वी यादव सीधा मुख्यमंत्री बन जाएं लेकिन जब सभी लोग मिलेंगे तभी मुख्यमंत्री बन पाएंगे, नहीं तो किस्मत के धनी नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। इन सबके बीच कांग्रेस समझाऊलाल की भूमिका में नजर आ रही है। महागठबंधन में चल रही इस नौटंकी से भाजपा गदगद है।
सॉफ्टवेयर का कमाल
सरकार ने दंगाइयों की पहचान के लिए जिस फेस आईडेन्टिफिकेशन सॉफ्टवेयर की शान में कशीदे गढ़े थे, उसकी पहली उपयोगिता पर ही सवालिया निशान उठाते हुए कड़कड़डूमा अदालत में गुहार लगाई गई है। दिल्ली के मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद के भीतर नेहरू विहार के गली नंबर-८ में अधिकांश मुस्लिमों के बीच रहनेवाले १० हिंदू परिवारों और उनके मंदिर की रात-रात भर जाग कर रक्षा करनेवाले ४५ वर्षीय उस्मान सैफी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इलाके के हिंदू परिवारों और मंदिर के पुजारी ने उनको रिहा करने के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट में अर्जी दी है। श्रीराम मंदिर समिति के पुजारी और अन्य सदस्यों ने कड़कड़डूमा के मजिस्ट्रेट को एक पत्र लिखकर बताया है कि किस तरह उस्मान सैफी दंगे के दौरान दिन-रात वहीं थे, ताकि कोई बाहरी लोग मंदिर या हिंदू परिवार को नुकसान न पहुंचा पाएं। दयालपुर थाने की पुलिस ने फेस आईडेन्टिफिकेशन सॉफ्टवेयर के आधार पर उस्मान सैफी पर दंगे का मुकदमा दर्ज कर एक हफ्ता पहले उन्हें गिरफ्तार किया था।
मुर्गाबाजार में मंदी
कोरोना वायरस के कारण मुर्गा बाजार में मंदी की लहर है। इसलिए जब आलू से सस्ता मुर्गा मिल रहा है तो आलू क्यों खाया जाए? उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ कस्बे में २० रुपए में मुर्गा बिकता देख लोगों में लूट का आलम यह था कि कुछ ही देर में मुर्गे बिक गए। खरीददारों का कहना है कि जब मुर्गे इतने सस्ते मिल रहे हैं तो उनको किसी वायरस का डर नहीं है। कोरोना वायरस के कहर से धड़ाम हुए मीट व्यापार के व्यवसाइयों ने मुर्गा का रेट २० रुपए किलो कर दिया और १०० रुपए में पांच मुर्गे देने लगे। उन्होंने लाल राशनकार्ड धारकों के लिए मुर्गा मुफ्त कर दिया, जिसके बाद जिन मीट की दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ था, कुछ ही देर में ग्राहकों की लाइन लग गई। देखते ही देखते सारे मुर्गे कुछ ही देर में बिक गए। दुकानदारों का कहना था कि कोरोना के डर की वजह से उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोग मुर्गे खरीद नहीं रहे हैं और उनको उनका दाना लगातार खिलाना पड़ रहा है, जो ४० रुपए किलो मिलता है। इससे उनको काफी नुकसान हो रहा है इसीलिए किसी भी तरह उनको बेचना है और फिर व्यापार बंद करना है।