मुलुंड-गोरेगांव लिंक रोड निर्माण में आएगी तेजी!, ‘जीएमएलआर’ के लिए कोरिया, हांगकांग, जापान और चीनी कंपनियों ने जताई इच्छा

पूर्व से पश्चिम को कनेक्ट करनेवाली गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना मनपा की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना के तहत देसी लिंक रोड पर बननेवाली दो सुरंगों के लिए डिजाइन बनाने के लिए विदेशी कंपनियों ने इच्छा जताई है। डिजाइन उकेरने के साथ-साथ सुरंग के निर्माण की कार्यप्रणाली की रूपरेखा भी विदेशी कंपनियां तैयार करेंगी। फिलहाल सुरंग के निर्माण से पर्यावरण और जलीय चट्टानी पर्त को कोई नुकसान न पहुंचे इसको लेकर अध्ययन किया जा रहा है।
बता दें कि पूर्व से पश्चिम को जोड़ने के लिए मनपा १४.७ किलोमीटर लंबा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड बनानेवाली है। मुलुंड से गोरेगांव तक बननेवाले इस १४.७ किलोमीटर लिंक रोड पर ४.७ किमी और ४.६ किमी लंबी दो सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। संजय गांधी नेशनल पार्क पर २० और २२० मीटर बननेवाली इस सुरंग की डिजाइन और कार्यप्रणाली की रूपरेखा तैयार करने के लिए कोरिया, जापान, चीन और हांगकांग की सलाहकार कंपनियों ने इच्छा जताई है। तीन लेन की बननेवाली सुरंग का निर्माण टनल बोरिंग मशीन से किया जाएगा। संजय गांधी नेशनल पार्क के अलावा यह सुरंग तुलसी और विहार झील के पास से गुजरेगी। सुरंग के निर्माण से पर्यावरण और जलदायी स्तर प्रभावित न हो, इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मुंबई) से अध्ययन कराया जा रहा है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने बताया कि ३,८०० करोड़ रुपए की लागत से इस लिंक रोड का निर्माण किया जाएगा। आईआईटी के अध्ययन के बाद सुरंग की डिजाइन और निर्माण की कार्यप्रणाली तैयार करने के लिए सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई विदेशी सलाहकार कंपनियों ने इस कार्य के लिए इच्छा जताई है।