मुसीबत न बन जाए निजी वाहन की चाह, पुराने वाहनों के खरीददार सावधान!

कुछ लोगों के लिए निजी वाहन जरूरत होती है तो वहीं कुछ लोग हैसियत के प्रतीक के रूप में निजी वाहन खरीदते हैं। चाह के बावजूद नए वाहन खरीदने में असमर्थ कई लोग पुराने वाहन भी खरीदते हैं। लेकिन पुराने वाहन खरीदनेवालों को अब सावधान हो जाना चाहिए, अन्यथा वे मुसीबत में पड़ सकते हैं। उनके द्वारा खरीदे जानेवाले पुराने वाहन चुराए हुए भी हो सकते हैं।
मुंबई में अंतरराज्यीय वाहन चोरों का एक गिरोह सक्रिय था। इस गिरोह के सदस्य मुंबई व आसपास के इलाकों से वाहन चुराते थे तथा बाद में उसका नंबर प्लेट और चेसिस नंबर बदलकर गुजरात व कर्नाटक में बेच देते थे। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के प्रॉपर्टी सेल ने उक्त गिरोह के २ लोगों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि प्रॉपर्टी सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर कृष्णा उर्फ सचिन देवीशंकर वर्मा नामक पेशेवर वाहन चोर को गोवंडी से गिरफ्तार किया था। सचिन की निशानदेही पर टीम ने लखबीर गुरुपाल सिंह संधु को पनवेल से दबोचा था। कृष्णा और लखबीर ने प्रारंभिक पूछताछ में बोरीवली इलाके से सेंट्रो कार चुराने की बात पुलिस के समक्ष कबूली थी। डीसीपी दिलीप सावंत के मार्गदर्शन व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील बाजारे के नेतृत्व मे प्रॉपर्टी सेल की टीम ने आरोपियों से आगे भी पूछताछ जारी रखी। इस दौरान चोरों ने कलंबोली, पनवेल, उरण और वडखल नाका पुलिस की हद से लगभग ९ वाहन (डंपर और ट्रेलर) चुराने की बात पुलिस के समक्ष कबुली है। जिनकी कीमत करीब ७० लाख रुपए आंकी गई है। कृष्णा और लखबीर दुसरे शख्स के इशारे पर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। कोर्ट कृष्णा और लखबीर को २२ फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।