मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने की राम मंदिर को कोर्ट के बाहर हल करने की पहल

 

राजधानी के एक होटल में ‘इण्डियन मुस्लिम्स फार पीस” के बैनर तले मुस्लिम बुद्धिजीवियों की बैठक हुई। बैठक में प्रस्ताव  आया कि ‘ विवादित भूमि का टुकड़ा राम मंदिर के लिए दे दिया जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार बुद्धिजीवियों ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में मुसलमान जीत भी जाएं तो भी वह जमीन राममंदिर निर्माण के लिए दे देने का प्रस्ताव पारित किया। लेकिन उनकी शर्त है कि सरकार मुस्लिमों के अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिस्चित करे, तो वह जमीन देने का प्रस्ताव सार्वजनिक करें। उपस्थित सभी मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कोर्ट से बाहर मामले को मध्यस्तता से तय किये जाने का प्रस्ताव बनाया है। इस संदर्भ में रिटायर्ड आईएस अनीस अंसारी ने दोपहर का सामना को बताया कि हम शान्ति चाहते हैं। कल को फैसला मुस्लिमों के पक्ष में भी हो जाये तो वहां मस्जिद बनाना संभव नहीं है। रिटायर्ड आईपीएस निसार अहमद,  लेफ्टिनेंट जनरल अवकाश प्राप्त जमीरउद्दीन शाह, पद्मश्री  मंसूर हसन, पूर्व मंत्री मोईद अहमद आदि कई बुद्धिजीवी मंच पर मौजूद रहे।