" /> ‘मृतकों’ को बनाया परीक्षक फिर कर दिया सस्पेंड!, शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही

‘मृतकों’ को बनाया परीक्षक फिर कर दिया सस्पेंड!, शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही

बिहार में शिक्षा विभाग का हैरान करनेवाला कारनामा सामने आया है। दरअसल इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में शिक्षा विभाग ने मृतक को परीक्षक की ड्यूटी में लगा दिया। बेगूसराय के शालीग्रामी हाईस्कूल के शिक्षक रंजीत कुमार यादव और बांका के कटोरिया हाईस्कूल के शिक्षक हैदर के नाम डीईओ ने मूल्यांकन के लिए पत्र जारी कर दिया। बता दें कि इन दोनों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद इनकी ड्यूटी लगाई गई। हैरानी की बात यह है कि मृतक शिक्षकों की न सिर्फ परीक्षक की ड्यूटी लगाई गई, बल्कि उनके खिलाफ अधिकारियों को निलंबन का आदेश भी दिया गया।
शिक्षा विभाग के इस कारनामे को माध्यमिक शिक्षक संघ ने अधिकारियों की बड़ी लापरवाही करार दिया। संघ ने सरकार से जिम्‍मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने चेतावनी दी है कि सरकार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई वापस नहीं लेती है तो सभी शिक्षक अब उनके आदेश पत्र की होलिका जलाएंगे। बता दें कि अब तक राज्य में १,००० से ज्यादा शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है, वहीं लगभग दो हजार शिक्षकों पर एफआईआर तक दर्ज की गई है। हड़ताल की वजह से बिहार बोर्ड के सामने अभी चुनौती खत्म नहीं हुई है, क्योंकि इंटर का ६० प्रतिशत मूल्यांकन जहां बाकी है, वहीं अब ५ मार्च से राज्य में मैट्रिक की कॉपियों का भी मूल्यांकन होना है। ऐसे में उम्मीद है कि सरकार जल्द हड़ताल खत्म करने को लेकर कुछ पहल करे।
शिक्षकों ने विधायकों को घेरा
पटना। समान काम, समान वेतनमान की मांग को लेकर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल १३वें दिन भी जारी है। इसी क्रम में कल शिक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्र के विधायक और नेताओं के घर का घेराव किया और शिक्षकों के विरुद्ध हुई कार्रवाई वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही समान काम और समान वेतनमान की मांग का ज्ञापन भी संबंधित विधायकों को सौंपा। अपनी मांगों के समर्थन में नियोजित शिक्षकों ने पटना में भी प्रदर्शन व घेराव किया। हड़ताली शिक्षकों ने डिप्टी सीएम सुशील मोदी के आवास का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों ने कहा कि वे समान काम, समान वेतनमान की मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।
मंत्री बातचीत को तैयार
हालांकि पूरे मामले पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा बार-बार कह रहे हैं कि शिक्षकों के साथ वो वार्ता को तैयार हैं लेकिन वेतनमान किसी भी हालत में नहीं देंगे, वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी कहा है कि वह बातचीत को तैयार है लेकिन शर्त के साथ। बहरहाल, अब देखनेवाली बात यह होगी कि आखिर आनेवाले समय में क्या रास्ता निकलता है?

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