मेट्रो की लापरवाही पानी की बर्बादी

ट्रैफिक जाम करके मुंबईकरों का समय बर्बाद करनेवाली मेट्रो की लापरवाही की वजह से कई स्थानों पर पानी की भी बर्बादी हुई है, जिसके चलते मनपा के जलापूर्ति विभाग को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
बता दें कि मेट्रो कार्य के चलते मुंबईकरों को पानी पहुंचानेवाली पाइपलाइंस में कई बार मेट्रो की लापरवाही के कारण लीकेज हुआ है। मनपा द्वारा मुंबईकरों को प्रतिदिन लगभग ३,८०० मिलियन लीटर पानी सप्लाई किया जाता है, जिसमें से लगभग २५ से ३० प्रतिशत पानी लीकेज और अवैध कनेक्शन के द्वारा व्यर्थ बह जाता है। मनपा के जलापूर्ति विभाग के प्रमुख अभियंता अशोक कुमार तवाड़िया के अनुसार पानी की पाइपलाइंस में हो रही लीकेज के लिए मेट्रो भी जिम्मेदार है। तवाड़िया ने बताया कि मेट्रो निर्माण कार्य के समय ही वाटर पाइपलाइंस के बगल से जानेवाली मेट्रो लाइंस में सावधानीपूर्वक कार्य करने की नोटिस दी गई थी। जब इस विषय पर एमएमआरडीए के प्रवक्ता दिलीप कवठकर से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने ‘सामना’ द्वारा किए गए कॉल और भेजे गए संदेशों का कोई जवाब नहीं दिया। जलापूर्ति विभाग द्वारा मिले आंकड़ों के मुताबिक पी और आर विभाग में मेट्रो के कारण वाटर लीकेज की परेशानी कई बार झेलनी पड़ी है। इसमें दहिसर (पू) में मेट्रो के कारण पाइपलाइन में ९०० मिमी का छेद हो गया था। वहीं बोरिवली (पू) में टाटास्टील मागाठाणे, श्री कृष्णा नदी, कुलुपवाड़ी, श्री कृष्णा कॉम्प्लेक्स में बार-बार मेट्रो कार्य के चलते लीकेज की समस्या हुई। इसके अलावा मालाड के दत्त मंदिर, लालजीपाड़ा, गोरेगांव के लक्ष्मीनगर और कांदिवली में भी स्वीटलैंड मंदिर, महावीर नगर में मेट्रो के कारण लीकेज का क्रम जारी है। पिछले दो वर्षों से लगातार इन स्थानों पर कई बार मेट्रो के कार्य के चलते पानी लीकेज की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।