मेट्रो के लिए चाहिए माल!, एमएमआरडीए ने मनपा के सामने पसारे हाथ

मुंबई के मेट्रो रेल का काम युद्ध स्तर पर शुरू है। एमएमआरडीए द्वारा ७ मेट्रो रेल कॉरिडोर का काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के लिए करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए खर्च होना अपेक्षित है जबकि एमएमआरडीए के पास पर्याप्त निधि का अभाव है। मेट्रो परियोजनाओं के लिए निधि (माल) पाने के लिए अब एमएमआरडीए ने मनपा के सामने हाथ पसारे हैं। इसके लिए एमएमआरडीए के आयुक्त आर.ए. राजीव ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से राजीव ने मेट्रो परियोजनाओं के लिए २५ प्रतिशत निधि करीब १७ हजार करोड़ रुपए मुंबई मनपा ने मांगे हैं।
बता दें कि एमएमआरडीए द्वारा मुंबई में ७ मेट्रो रेल परियोजनाएं की जा रही हैं जिनमें दहिसर-डीएन नगर, डीएन नगर-बांद्रा-मंडाला, वडाला-कासारवडवली, स्वामी समर्थ नगर (लोखंडवाला)-विक्रोली, दहिसर (पूर्व)-अंधेरी (पूर्व) और दहिसर-भाइंदर मेट्रो रेल कॉरिडोर का समावेश है। इन परियोजनाओं की लागत करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए बताई जाती है। फिलहाल एमएमआरडीए के पास इतनी निधि उपलब्ध नहीं है। राज्य सरकार ने हाल ही में संपत्तियों के लेन-देन में स्टैंप ड्यूटी की दरों में एक फीसदी की बढ़ोत्तरी की थी। इस बढ़ोत्तरी से राज्य सरकार को हर वर्ष करीब एक हजार करोड़ रुपए की आय होगी, जिसमें से कुछ निधि एमएमआरडीए परियोजना को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद भी मेट्रो रेल परियोजना में लगनेवाला खर्च पूरा नहीं हो सकता। इसलिए मनपा से निधि पाने के लिए एमएमआरडीए ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है। राज्य सरकार को लिखे पत्र में एमएमआरडीए आयुक्त आर.ए. राजीव ने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना से सबसे ज्यादा फायदा मनपा को होगा क्योंकि सड़क पर यातायात समस्या लगभग कम हो जाएगी। इससे सड़क पर होनेवाला मनपा का खर्च कम होगा। मनपा के अलावा एमएमआरडीए ने मॉल से भी मुनाफे की हिस्सेदारी मेट्रो रेल परियोजना के लिए मांगी है। एमएमआरडीए का कहना है कि कई मेट्रो स्टेशन मॉल के पास बननेवाले हैं, जिससे मॉल मालिकों की कमाई में इजाफा होगा।