" /> मेट्रो कैसे होगी मालामाल!

मेट्रो कैसे होगी मालामाल!

सलाहकार से लेगी आइडिया
एमएमआरडीए करेगी नियुक्ति
मेट्रो-2 और मेट्रो-7 कॉरिडोर का काम पूरा होने के कगार पर पहुंच गया है। इस काम के पूरा होने से पहले ही मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) मेट्रो से कमाई के तरीके तलाशने में जुट गई है। यात्री किराए के अलावा किन आइडिया को अमल में लाने से मालामाल होगी, कमाई के इस मार्ग को खोजने के लिए एमएमआरडीए ने सलाहकार की नियुक्ति का फैसला लिया है।
यह निजी सलाहकार मेट्रो-7 और मेट्रो- 2 कॉरिडोर पर मेट्रो परिचालन की शुरुआत होने के बाद कैसे एमएमआरडीए कमाई बढ़ाई जा सकती है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके प्राधिकरण को सौंपेगा। रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण आगे की योजना तैयार करेगा। मौजूद समय में घाटकोपर से वर्सोवा के बीच चल रही मेट्रो-1 हर साल यात्री किराये के अलावा स्टेशनों के साथ निजी संस्थानों का नाम जोड़ और विज्ञापन के माध्यम से हर साल करोड़ों रुपए की कमाई कर रहा है। मुंबईकरों को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए अंधेरी (पूर्व) से दहिसर (पूर्व) के बीच 16.473 किलोमीटर लंबे मेट्रो 7 कॉरिडोर और दहिसर से डीएन नगर के बीच 18.5 किलोमीटर लंबे मेट्रो-2 ए कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। एमएमआरडीए के जॉइंट मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर डॉ. बी.जी. पवार के अनुसार, नॉन फेयर बॉक्स रेवन्यू सोर्स स्टडी के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने का फैसला लिया गया है।

4 महीने लेट होगी मेट्रो-7
आखिर मिला गया नया ठेकेदार
मेट्रो-7 कॉरिडोर के मार्ग का अधूरा काम पूरा करने के लिए एमएमआरडीए ने नया ठेकेदार नियुक्त कर दिया है। निर्धारित समय में कॉरिडोर का काम पूरा नहीं करने की वजह से कुछ महीने पहले एमएमआरडीए ने सिंपलेक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर समेत अन्य ठेकेदारों का कॉन्ट्रेक्ट रद्द कर दिया था। सिंपलेक्स कंपनी द्वारा मेट्रो-7 का अधूरा काम पूरा करने का जिम्मा जे. कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट को दिया गया है। गौरतलब है कि एमएमआरडीए इस वर्ष के अंत तक मेट्रो-7 और मेट्रो-2 कॉरिडोर का काम पूरा करने की योजना पर काम कर रही थी। लेकिन पहले ठेकेदार द्वारा समय पर काम नहीं पूरा करने फिर कोरोना की वजह से काम बाधित होने के कारण कॉरिडोर शुरू होने में 3 से 4 महीने की देरी हो सकती है।