मेट्रो मार्ग पर मच्छरों को नो एंट्री

मुंबई में कुलाबा-बांद्रा-सिप्ज मेट्रो-३ का काम काफी तेज गति से चल रहा है। मेट्रो निर्माण कार्य के चलते जगह-जगह खुदाई चल रही है। ऐसे में मॉनसून में गड्ढे में पानी भर जाने से मच्छरों के लार्वा छोड़ने की गुंजाइश बढ़ जाती है जिससे आसपास के इलाकों में मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुंबई मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने मेट्रो मार्ग पर मच्छरों को नो एंट्री देने की योजना बनाई है।
जानकारी के मुताबिक मॉनसून के दौरान मेट्रो निर्माण कार्य स्थल पर जमा हुए बारिश के पानी में मच्छरों की पैठाई न हो इसका विशेष ध्यान एमएमआरसी रख रही है। मेट्रो मार्ग पर मच्छरों की एंट्री न होने पाए इसलिए एमएमआरसी मनपा के साथ समन्वय स्थापित कर मच्छरों को पनपने नहीं देगी। एमएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो के बन रहे २७ स्टेशनों के मार्गों पर समय-समय पर दवाइयों का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही फॉगिंग भी की जाएगी। इतना ही नहीं तो प्रत्येक मेट्रो मार्ग पर २४ घंटे दो अभियंता और निरीक्षक मौजूद रहेंगे। जहां-जहां मॉनसून के दौरान मेट्रो साइट पर जल-जमाव की अधिक गुंजाइश है वहां उपयुक्त व्यवस्था की गई है। मेट्रो-३ के प्रत्येक स्टेशनों पर ३५ हॉर्स पावर के ३ पंप की व्यवस्था होगी।
अधिकारी का कहना है कि मेट्रो के निर्माण कार्य के दौरान मॉनसून में वाहनचालकों को कोई परेशानी न हो इसलिए बैरिकेड्स सहित आसपास के रास्तों को मलवा मुक्त किया जाएगा। एमएमआरसी की व्यवस्थापकीय संचालिका अश्विनी भिडे का कहना है कि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन मुंबई शहर को एक महत्वपूर्ण यातायात सुविधा मुहैया कराने के लिए समर्थ है। मेट्रो-३ के निर्माण कार्य से मुंबईकरों को कोई असुविधा नहीं होगी, इसका पूरा ख्äयाल रखा जा रहा है।