मेट्रो से उतरते ही दो कदम पर ऑफिस-घर!

मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी और ऊपर से लगातार ट्रैफिक की बढ़ती समस्या। ऐसे में अगर मेट्रो का सफर तय करने के बाद दो कदम पर ही ऑफिस हो तो कितना अच्छा होगा? ऐसी ही योजना पर एमएमआरडीए काम कर रही है। निर्माणाधीन मेट्रो कॉरिडोर के आसपास के इलाकों को विकसित करने के लिए एमएमआरडीए यहां रिहायशी इमारतें, कमर्शियल ऑफिस और पब्लिक स्पेस तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। राज्य सरकार की योजना के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट योजना के तहत यह सब कुछ संभव हो पाएगा।
जानकारी के अनुसार एमएमआरडीए ने अंतर्राष्ट्रीय सलाहकारों से चार निर्माणाधीन मेट्रो लाइन के आसपास सर्वे का एक प्रस्ताव लाया है। जिन चार मेट्रो लाइन के आसपास विकास करने की योजना है उनमें मेट्रो-२ए (दहिसर-डी एन नगर), मेट्रो-२बी (डी एन नगर-मंडाले), मेट्रो-४ वडाला- कासरवाडवली और मेट्रो-६ (स्वामी नारायण नगर-जोगेश्वरी) का समावेश है। फिलहाल चारों मेट्रो कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं। एमएमआरडीए कमिश्नर आरए राजीव का कहना है कि यह आइडिया मेट्रो स्टेशन के आसपास विकास योजनाओं की संभावनाओं को तलाशता है जो कि शहर के लिए लाभकारी होने के साथ ही एमएमआरडीए के लिए पूंजी इकट्ठा करने का एक जरिया भी है।
क्या है ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट?
विश्व बैंक के मुताबिक ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट एक योजना की रूपरेखा तैयार करना है। इसका मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट, स्टेशन के आसपास समाज के हर तबके के लिए नौकरी, रिहायशी इमारतें और सुविधा मुहैया कराना है। यहां है सफल ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट हांग-कांग, टोक्यो, सिंगापुर आदि में सफल रहा है।