मेट्रो-७ को मिली रफ्तार बिछने लगी रेल लाइन

मुंबई में मेट्रो का जाल बिछाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। रविवार को मेट्रो निर्माणकार्य की रफ्तार और भी तेज हो गई जब जापान से आई मेट्रो लाइन बिछाने के लिए रेल पटरी मुंबई पहुंची। जापान से मंगाई गई यह पटरी एमएमआरडीए के अंतर्गत तैयार हो रहे मेट्रो-७ (अंधेरी-ईस्ट से दहिसर-ईस्ट) लाइन के लिए बिछाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार जापान से मंगाई गई रेल पटरी रविवार की सुबह मुंबई पहुंची और मेट्रो-७ के मार्ग पर रखी गई। जापान से लाई गई रेल पटरी को वडाला यार्ड से ७० फुट लंबे ट्रेलर पर लादकर नेशनल पार्क स्टेशन के पास लाया गया। यहां पहुंचने के बाद ५० टन के मोबाइल क्रेन की मदद से ३ पटरियों का एक बंडल बनाकर मेट्रो रेल मार्ग पर रखा गया। यह काम और ३-४ दिन चलेगा। सभी रेल पटरियों को एलिवेटेड रेल मार्ग पर रखने के बाद मोबाइल फ्लैश बट वेल्डिंग मशीन से मार्ग पर स्थापित किया जाएगा। सभी रेल पटरियों को मेट्रो मार्ग पर रखने के बाद वेल्डिंग मशीनों को भी ऊपर चढ़ाया जाएगा। इसके बाद रेल मार्ग का कांक्रीटीकरण होने के बाद वेल्डिंग की गई पटरियों को बिछाया जाएगा। मेट्रो-७ की कुल लंबाई १६.५ किमी है।
मेट्रो-७ के स्टेशन
मेट्रो-७ के अंतर्गत कुल १४ स्टेशन हैं, इनमें दहिसर-ईस्ट, ओवरीपाड़ा, नेशनल पार्क, देवीपाड़ा, मगाठाणे, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बाणडोंगरी, पुष्पा पार्क, पठान वाड़ी, आरे महानंद, जेवीएलआर, शंकर वाड़ी, अंधेरी-ईस्ट का समावेश है।
कुल लागत
मेट्रो-७ योजना की कुल अनुमानित लागत ६,२०८ करोड़ रुपए है। इस परियोजना का ४३ से ४८ प्रतिशत फंड १.४ प्रतिशत ब्याज दर पर एशियन डेवलपमेंट बैंक दे रहा है। इस फंड को चुकाने की गारंटी महाराष्ट्र सरकार ने ली है।
डीएमआरसी को मिले `३४० करोड़
एमएमआरडीए ने २६ नवंबर २०१६ को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को ३४० करोड़ रुपए मेट्रो-७ और मेट्रो-२ए लाइन के रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग, टेलीकम्यूनिकेशन वर्क के लिए उपलब्ध कराए हैं।