मेरा प्यार

मैं हूं तेरा आशिक, दीवाना, परवाना
मुझे खूब आता है तुझे मनाना
तेरी हर पल की खबर मैं रखता हूं
तेरे दिल की धड़कन को मैं खूब जानता हूं
तेरे नखरे तेरी अदाओं से
मैं खूब वाकिफ हूं
तेरे मन मंदिर के देवता का
मैं परमभक्त पुजारी हूं
तेरी पसंद का मैं हमेशा
खयाल रखता हूं
तेरी हर चाहत को पूरा करना
मैं अपना फर्ज समझता हूं
तेरे दुख-दर्द की हर दवा
मेरे पास है
तू मेरी मरीज मैं तेरा डॉक्टर हूं
तेरी तबीयत सेहत का
रिकॉर्ड मैं हमेशा मेरे पास रखता हूं
तेरी जिंदगी के प्यार भरे चमन का
मैं माली हूं
हमारी प्यार भरी जिंदगी हमेशा
खुशियों के फूलों से खिली रहे
खुदा से दुआ मांगता हूं मैं
कि हमारे प्यार को किसी की
कभी नजर न लग जाए
– अनिल कुमार जोशी, ठाणे

 

गजल
सहरा में भी हम जी लेंगे बस आपकी नजर-ए-इनायत रहे
चाक-गिरेबां हम सी लेंगे बस आपकी नजर-ए-इनायत रहे
आप हैं मेरे दिल में तो मुझे और क्या चाहिए
अश्क-ए-जहर हम पी लेंगे बस आपकी नजर-ए-इनायत रहे
मोहब्बत के सिवा दिल में कोई ख्वाहिश नहीं है
मुफलिसी में भी हम जी लेंगे बस आपकी नजर-ए-इनायत रहे
ये दिल आपका है आपका ही रहेगा मरते दम तक
हर गम हम पी लेंगे बस आपकी नजर-ए-इनायत रहे
गर ये दुनिया बदलती है तो बेशक बदल जाए
हम कभी नहीं बदलेंगे बस आपकी नजर-ए-इनायत रहे
– बिभाषचंद्र मस्ताना, दिवा