मेरे पास करने को बहुत कुछ है…

बॉलीवुड अभिनेता और अभिनेत्रियों की लक (भाग्य) कहानियां गजब की होती हैं। माया नगरी मुंबई में कोई पढ़ाई करने आता है और अभिनेता या अभिनेत्री बन जाता है। ऐसा ही कुछ अभिनेत्री पत्रलेखा के साथ भी हुआ है। मुंबई में अपनी पढ़ाई पूरी करने पत्रलेखा आई थीं। उनके मष्तिष्क के एक कोने में अभिनेत्री बनने के सपने थे। जबकि उनके पिता चाहते थे कि उनकी सुपुत्री उनके ही नक़्शे कदम पर चले किंतु बहुत जल्द उन्हें डायरेक्टर हंसल मेहता की एक छोटे बजट की फिल्म ‘सिटी लाइट’ में काम मिल गया। इस फिल्म में मशहूर कलाकार राज कुमार राव ने उनका साथ निभाया था। इस फिल्म ने समीक्षकों की खूब प्रशंसा भी लूटी थी। पत्रलेखा के काम की भी खूब तारीफ हुई। पेश है पत्रलेखा के साथ लिपिका वर्मा की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
फिल्मी दुनिया में पैर जमाने में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा?
मैं एक बाहरी लड़की थी। फिल्मी दुनिया से बिलॉन्ग नहीं करती थी। यहां मेरे कोई दोस्त नहीं थे और आज से ६ साल पहले इंटरनेट का जमाना भी नहीं था सो उस समय एक ही रास्ता था और वो था किसी ऐड में काम करना। खैर मुझे कुछ अच्छे कमर्शियल में काम मिला और कुछ समय बाद मुझे ‘सिटी लाइट्स’ फिल्म भी मिल गई। शुरू-शुरू में मेरे माता-पिता ने मुझे बहुत सपोर्ट किया।
किसी से दोस्ती करना फिल्म इंडस्ट्री में क्या टैबू माना जाता है?
सच बोलना नुकसानदायक हो सकता है तो क्या हम अपनी दोस्ती के बारे में कुछ न बोलें! मैं एक बहुत स्ट्रांग वुमन हूं और अपने टैलेंट के बलबूते मैं एक न एक दिन काम जरूर पा लूंगी, वह भी जैसा कि मैं चाहती हूं। मुझे कुछ फिल्में ऑफर होती हैं लेकिन उनमें से एक या दो ही मुझे करने लायक लगती हैं। मेरा ऐसा मानना है कि जो स्क्रिप्ट मुझे पसंद नहीं आई, उसे हामी भर कर अपने ४५ दिन क्यों खराब करूं?
आप एक बेहतरीन एक्ट्रेस हैं फिर भी अच्छा काम क्यों नहीं मिल रहा है?
देखिए, मैंने अभी तक चार फिल्में की हैं, जिनमें से एक वेब सीरीज है। मुझे विश्वास है कि मेरा बेस्ट जरूर आएगा। मैं बहुत पॉजिटिव हूं और जितना काम मुझे अभी तक मिला है, उससे मैं बहुत खुश हूं।
जब फिल्में नहीं कर रही होती हैं, तो क्या करती हैं आप?
फिल्मों के अलावा मेरे पास करने को बहुत कुछ है। मैं वर्कशॉप में व्यस्त रहती हूं और एक्टिंग के साथ मैंने डांस क्लासेज भी शुरू कर दी है। डांस, अभिनय हमारे हाव-भाव को अच्छी तरह से प्रकट करने में भी मदद करता है।
आगे चलकर कुछ सोशल वर्क करना चाहेंगी आप?
अभी कुछ नहीं करना है पर कुछ समय से मैं अपनी सोसाइटी में आवारा बिल्लियों की बुरी हालत देखकर बहुत परेशान हूं। थोड़ा समय बीत जाए और मैं इस लायक हो जाऊं कि इन सभी बिल्लियों को शेल्टर दे सकूं।
आप किस तरह की बायोपिक करना चाहेंगी?
मैं किसी अभिनेत्री की बायोपिक करना चाहूंगी। मैं अक्सर फ्री टाइम में फिल्में देखना पसंद करती हूं। हां, यदि मधुबाला की बायोपिक बने तो वह जरूर करना चाहूंगी। मधुबाला की फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ मेरी सबसे पसंदीदा फिल्म है।