मेरे साथ गलत हुआ !

टीम इंडिया के सितारा खिलाड़ी रहे युवराज सिंह की छवि जुझारू क्रिकेटर की रही है। कैंसर की बीमारी से दो-दो हाथ करने के बाद उन्होंने अपने जीवट के दम पर भारतीय टीम में वापसी की थी। वर्ल्डकप २०११ में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में उनका अहम योगदान रहा था। इसके तुरंत बाद मेडिकल जांच में पता चला कि उन्हें कैंसर है। युवराज ने इलाज कराया और ‘शान’ के साथ भारतीय टीम में लौटे। युवराज ने दावा किया है कि यो-यो टेस्ट पास करने के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में नहीं चुना गया था और उनसे घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था। गौरतलब है कि टी-२० इंटरनेशनल में एक ओवर में छह छक्के लगाने का दुर्लभ कारनामा युवी के नाम पर दर्ज है। वे वर्ष २००७ में टी२० वर्ल्डकप और २०११ में ५० ओवर का वर्ल्डकप जीतनेवाली भारतीय टीम के सदस्य थे। युवराज ने अपने साथ-साथ वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के साथ किए गए इसी तरह के व्यवहार पर नाराजगी जताई। अपने साथ किए गए इस ‘व्यवहार’ से आहत युवी ने कहा, ‘मैं चोटिल हो गया था और मुझे श्रीलंका सीरीज के खिलाफ तैयारी करने के लिए कहा गया। इसी दौरान यो-यो टेस्ट का भारतीय क्रिकेट में ‘आगमन’ हुआ। ऐसे में मेरे चयन को लेकर यू-टर्न ले लिया गया।’