मेल-एक्सप्रेस ट्रेन पर रहेगी ‘गगन’ की नजर

भारतीय रेलवे ने वर्ष २०१८ में अपने सभी लोकोमोटिव इंजिन को इसरो के गगन जियो पॉजिशनिंग सेटेलाइट से जोड़ने का निर्णय लिया था। इसी कड़ी में रेलवे ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए कुछ चुनिंदा लोकोमोटिव को इसरो की सेटेलाइट से हाल ही में लिंक किया है। इस सेटेलाइट के जरिए मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगा।
रेल अधिकारियों के मुताबिक इस तकनीक से ट्रेनों को ट्रैक करने और उसके लोको पायलट से बात करने में आसानी होगी। रेलवे ने अपने सभी १०,८०० लोकोमोटिव को इसरो के सेटेलाइट से लिंक करने का लक्ष्य रखा है। जानकारी के मुताबिक सेटेलाइट से लोकोमोटिव लिंक होने पर ट्रेनों की मॉनिटरिंग सीधे ड्राइवर केबिन से होगी। अब तक रेलवे ने १० इंजनों में इसका ट्रायल किया था। धीरे-धीरे इस सिस्टम को सभी लोकोमोटिव से लिंक कर दिया जाएगा। फिलहाल रेलवे ने माता वैष्णवदेवी कटरा-बांद्रा टर्मिनस, नई दिल्ली-पटना, नई दिल्ली-अमृतसर और दिल्ली-जम्मू रूट पर चलनेवाली ट्रेनों के लोकोमोटिव को सेटेलाइट से लिंक किया है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिस्टम रेलवे कंट्रोल रूम, रेल नेटवर्क सहित भारतीय रेल सिस्टम का नवीनीकरण करने में मदद करेगा।