मैंग्रोव्ज की कटाई राजनीति गरमाई

खाड़ी के किनारे बसे मुंब्रा कौसा के पास बड़े पैमाने पर काटे जा रहे मैंग्रोव्ज को बचाने के लिए कई राजनीतिक दलों ने ‘सेव मुंब्रा, सेव मैंग्रोव्ज’ के नारे के साथ एकजुट होकर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘अल-अहद चेरिटेबल ट्रस्ट’ के अध्यक्ष एवं आरटीआई कार्यकर्ता आरिफ नवाज इराकी के मार्गदर्शन में सोमवार को सुबह १० बजे से मुंब्रा अग्निशमन दल मेक कंपनी के पास बेमुद्दत धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। उल्लेखनीय है कि मुंब्रा, दिवा, कौसा, डायघर कल्याण फाटा से लेकर देसाई गांव तक के लोग खाड़ी किनारे बसे हुए हैं। स्थानीय भूमाफिया तथा अवैध रूप से रेती उत्खनन करनेवाले मैंग्रोव्ज की लगातार कटाई कर रहे हैं। दिवा की खाड़ी मे हो रही मैंग्रोव्ज कटाई के खिलाफ स्थानीय लोग कई बार इसकी शिकायत पूरे प्रमाण के साथ जिलाधिकारी कार्यालय को दे चुके हैं तथा इस मामले में दायर याचिका पर मुंबई हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ के न्यायाधीश अभय ओक तथा रियाज छागला द्वारा कई तरह के कड़े निर्देश भी दिए जा चुके हैं। इन सबके बावजूद मैंग्रोव्ज की अवैध कटाई जारी है। जिला अधिकारी कार्यालय सहित सभी संबंधित विभाग इस मामले में लापरवाही बरत रहे है। संबंधित विभागों द्वारा बरती जा रही लापरवाही के चलते धरना प्रदर्शन पर बैठने का फैसला लिया गया है। सभी विभागों के अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन में मैंग्रोव्ज की कटाई के साथ-साथ वेटलैंड को भी खत्म करने की पूरी जानकारी मुहैया कराई गई है। इस मुद्दे को लेकर दर्जनों सामाजिक संस्थाओं ने अपना समर्थन दिया है।