" /> ‘मैंने बहुत संघर्ष और कठिन समय देखा है!’-रोनित रॉय

‘मैंने बहुत संघर्ष और कठिन समय देखा है!’-रोनित रॉय

टीवी के अमिताभ बच्चन कहे जानेवाले रोनित रॉय सीरियल, वेब शोज और फिल्मों में बेहद कामयाब हैं। ‘सास भी कभी बहू थी’, ‘कसौटी जिंदगी की’, ‘बंदिनी’, ‘कसम से’ जैसे बड़े शोज से रोनित रॉय टीवी के हाइएस्ट पेड एक्टरों में शामिल हो गए। फिल्म ‘काबिल’, ‘टू स्टेटस’, ‘उड़ान’ और ‘सरकार-३’ जैसी फिल्मों में दर्शकों ने उन्हें सराहा। रोनित इन दिनों ऑल्ट बालाजी के वेब शो ‘कहने को हमसफर है’ के कारण सुखिर्‍यों में हैं। पेश है रोनित रॉय के साथ पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

लॉकडाउन के दौरान आपकी क्या गतिविधियां रहीं?
कोरोना संक्रमण ने यह दिखा दिया कि आम और खास सभी एक लेवल पर हैं। हर दूसरा इंसान घर पर रोजमर्रा के कामकाज कर रहा है और मैं भी घर के कामकाज कर रहा हूं। वर्क आउट करने के साथ ही बच्चों के साथ खेलता हूं और उनके साथ वक्त बिताता हूं। हम सबकी दिनचर्या लगभग एक-सी हो चुकी है।

’कहने को हमसफर है’ करने की कोई खास वजह?
‘कहने को हमसफर है’ का ये तीसरा सीजन है। ऑल्ट बालाजी की इस वेब सीरीज को बहुत पसंद किया गया। और रही इसे करने की बात तो इसकी मुख्य वजह हैं एकता कपूर। पूर्व में मैंने एकता कपूर के साथ ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कसौटी जिंदगी की’, ‘कसम से’ जैसे चर्चित शोज किए हैं।

आपके सफल वैवाहिक जीवन का राज?
देखिए, ताली एक हाथ से नहीं बजती। मेरी शादी को २० वर्ष हो चुके। नीलम और मैंने परिवार की सभी जिम्मेदारियां मिलकर निभाईं और हमने कभी एक-दूसरे के काम में दखल नहीं दिया।

आपका फिल्मी करियर कैसा रहा?
१९९२ में मेरी डेब्यू फिल्म ‘जान तेरे नाम’ रिलीज हुई थी। इसके बाद जो फिल्में रिलीज हुईं उनमें कुछ हिट तो कुछ फ्लॉप रहीं। हालांकि मेरी फिल्में सफल होने के बावजूद मेरे जीवन में ऐसा बुरा वक्त भी आया जब मेरे पास बस से सफर करने के लिए भी पैसे नहीं थे। मैंने बहुत संघर्ष और कठिन समय देखा है। किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है मेरा जीवन!

आखिर इतना कठिन संघर्ष क्यों और कैसे?
सच तो ये है कि इसके लिए मैं खुद भी जिम्मेदार हूं। व्यक्तिगत जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन करियर में मेरे गलत फैसले से मेरे हाथों से तीन फिल्में निकल गईं। कुछ मेरा तो कुछ किस्मत का दोष है।

आपने सिक्योरिटी एजेंसी शुरू की थी उसका क्या हुआ?
मेरी सिक्योरिटी एजेंसी बंद हो गई। ये क्यों और कैसे बंद हुई इसकी भी एक लंबी कहानी है।

लॉकडाउन के दौरान कई कलाकारों को पैसा नहीं मिला?
जो कॉन्ट्रैक्ट में लिखा है उसका पालन सभी को करना ही होगा। हर किसी को उसके हक का पैसा मिलना ही चाहिए। मानवता की दृष्टि से जिन लोगों का पैसा बाकी है उन्हें उनका पैसा दे देना चाहिए। मैं बस इतना ही कहूंगा कि अपनी कमाई का कुछ हिस्सा अपने मुसीबत भरे दिनों के लिए भी बचाकर रखें।