मैं गुस्सैल हूं और वो शांत- सोनम कपूर

सोनम कपूर ने अपनीr पहचान फैशनिस्टा के अलावा एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में भी पुख्ता की है। उनके पिता अनिल कपूर, चाचा बोनी कपूर और संजय कपूर के साथ ही चाची श्रीदेवी और चचेरे भाई अर्जुन कपूर ये सभी फिल्मी दुनिया से कनेक्टेड हैं। सोनम कपूर ने अपनी हर बात बेझिझक कही है और वे ‘वोकल’ हुई हैं। खुद को फेमिनिस्ट कहलाने में सोनम को कोई परहेज नहीं है। इस समय अभिषेक शर्मा निर्देशित फिल्म ‘जोया फैक्टर’ में सोनम ने जोया सोलंकी का किरदार निभाया है। डुलकुएर सलमान के साथ वे पहली बार रोमांटिक लीड में नजर आएंगी। २० सितंबर को ये फिल्म रिलीज होगी। सोनम अभिनीत फिल्म ‘पैडमैन’ को राष्टीय पुरस्कार मिला है। प्रस्तुत है पूजा सामंत की सोनम कपूर आहूजा से हुई यह बातचीत।

 काफी अर्से बाद आपकी फिल्म ‘जोया पैâक्टर’ रिलीज होने जा रही है। इस पर आपका क्या कहना है?
फरवरी, २०१९ में मेरी फिल्म ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ रिलीज हुई थी। यानि ७ महीने बाद दूसरी फिल्म ‘जोया पैâक्टर’ रिलीज हो रही है। दो फिल्मों में इतना बड़ा गैप नहीं है ये। वैसे भी मैं बहुत ज्यादा फिल्में करने में यकीन नहीं करती।
 ‘जोया फैक्टर’ इस फिल्म की कहानी का तानाबाना क्रिकेट बैकड्रॉप पर है। आप क्रिकेट की कितनी शौकीन हैं या फिर आपके हसबैंड आनंद आहूजा क्रिकेट का कितना लुत्फ उठाते हैं?
मेरे पति आनंद आहूजा क्रिकेट के नहीं बास्केटबॉल के शौकीन हैं और जब भी उन्हें मौका मिलता है वे बास्केटबॉल खेलते और देखते जरूर है। हां, क्रिकेट वर्ल्डकप मैच का लुत्फ जरूर उठाते हैं। मुझे टेस्ट मैच देखने का वक्त नहीं मिलता। मैं पहले क्रिकेट देखा करती थी लेकिन अब समय नहीं मिल पाता।
 आपने ‘जोया फैक्टर’ में पहली बार डुलकुएर सलमान के साथ काम किया। कितने अलग हैं वो एक एक्टर के रूप में फिल्म ‘रांझणा’ में आपके हीरो रहे धनुष से?
धनुष और मेरी जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। शायद यही वजह थी कि फिल्म ‘रांझणा’ सक्सेस रही। फिल्म ‘रांझणा’ को ६ वर्ष बीत चुके हैं। धनुष और ‘जोया फैक्टर’ के डुलकुएर सलमान की तुलना नहीं हो सकती। दोनों उम्दा एक्टर्स हैं।
 फिल्म के पोस्टर पर ‘नींबू-मिर्ची’ नजर आता है। क्या फिल्म का किरदार जोया सोलंकी सुपर स्टिशियस है? आप कितना मानती हैं इन बातों को?
मैं खुद को सुपर स्टिशियस तो नहीं कहती। लेकिन मैं भारतीय हूं और भारतीय होने के नाते हम लोग कुछ चीजों पर विश्वास करते हैं। मैं भी थोड़ा-बहुत विश्वास करती हूं। नींबू-मिर्ची, नजर न लगने के लिए। शादियों में काला कपड़ा पहनने को अशुभ मानते हैं। सामने से काली बिल्ली का गुजरना भी अशुभ माना जाता है। ये सबकुछ हमारे कल्चर का हिस्सा बन चुका है। बस इन मान्यताओं की अति नहीं होनी चाहिए ये मेरी सोच है।
 क्या आप मानती हैं कि कोई किसी के जीवन में लकी चार्म होता है?
सभी ऐसा मानते हैं। विदेशों में भी किसी व्यक्ति या चीज को लकी मानने पर विश्वास किया जाता है। क्रिकेटर्स भी कभी किसी रूमाल, गेंद या बैट को उनका लकी चार्म मानते हैं और इसमें कोई गलत बात नहीं है। प्रोडक्शन कंपनी ‘फॉक्स’ के साथ मैंने फिल्म ‘नीरजा’ की थी जो सफल रही। शायद वहीं से यह सोच आई होगी कि सोनम ‘फॉक्स’ के लिए लकी है। ‘जोया फैक्टर’ भी ‘फॉक्स’ का ही निर्माण है।
 क्या आप मानती हैं कि आपके लिए जो लकी हैं?
ऐसा स्पेसिफिक कुछ नहीं है। लेकिन घर के बाहर कदम रखने पर और कार में बैठने से पहले मैं ‘ॐ नम: शिवाय’ जरूर कहती हूं उसके बाद ही मैं कार में बैठती हूं। यह मेरी हर दिन की आदत बन चुकी है कई सालों से। इस फिल्म की बात करूं जोया (सोलंकी) का लकी कलर रेड है ऐसे में मैंने इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान हर ड्रेस रेड पहनी है या रेड का कॉम्बिनेशन कर दिया।
 आपके पिताजी (अनिल कपूर) ने आपको हमेशा लकी कहा है क्या आप आनंद (आहूजा-पति) के जीवन में या वो आपके लिए लकी साबित हुए हैं?
आनंद बहुत अलग किस्म के इंसान हैं। वे मुझसे बेहद प्यार करते हैं लेकिन लकी और अनलकी इस सोच पर विश्वास नहीं करते। उनके जीवन और स्वभाव का वॉल्यूम कभी ऊपर-नीचे नहीं होता इसीलिए मैं अपने पति आनंद को गौतम बुद्ध कहती हूं। वे बेहद शांत और सादगी भरे इंसान हैं और जीवन के छोटे-मोटे उठापटक से अन इफ्फेक्टेड। मेरे बिल्कुल अपोजिट हैं वो। मैं गुस्सा होती हूं और वो शांत रहते हैं। प्रैक्टिकल इंसान हैं और साथ में धुरंधर बिजनेसमैन भी।

जन्मतारीख – ९ जून, १९८५
जन्मस्थान – चेंबूर, मुंबई
कद – ५.५ वजन – ६२ किलो
पसंदीदा खाना – सिंधी कढ़ी-चावल
प्रिय पहनावा – इवनिंग गाउन
मनपसंद कलर – वाइन या मजेंटा
प्रिय जेवेलरी – डायमंड रिंग जो पति आनंद आहूजा ने पहनाई है।
हॉबी – डांस करना, फिल्में देखना
प्रिय पर्यटन स्थल – स्पीति और लंदन