मैं टल्ली, मैं टल्ली हो गई…

मैं नशे में टल्ली हो गया की करीए की करीए! कुछ साल पहले इस गीत ने काफी धूम मचाई थी। मजे की बात है कि इस गीत का असर कहिए या शराब का बढ़ता असर, शहर में शराब पीकर गाड़ी चलानेवाली महिलाओं की संख्या बढ़ने लगी। यहां अगर मायानगरी मुंबई की बात की जाए तो पिछले कुछ वर्षों में शराबी महिलाओं के ड्रंक एंड ड्राइविंग में पकड़े जाने की घटनाओं में साल दर साल बढ़ोत्तरी हुई है। गत वर्ष जहां ४९ शराबी ड्राइवर पकड़ी गई थीं वहीं इस वर्ष सिर्फ शुरू के ४ महीनों में ही २० टल्ली ड्राइवर पकड़ी गर्इं।
ड्रिंक एंड ड्राइविंग के केस में अधिकांशत: पुलिस लड़कों को पकड़ती रही है, पर अब नशे में धुत होकर गाड़ी चलानेवाली महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस साल पुलिस अब तक २० शराबी महिला चालकों को पकड़ चुकी है। बर्थडे सेलिब्रेट करना हो या नया साल, आजकल लड़कियां अपने दोस्तों के साथ पार्टी मनाने पब और डिस्को जाती हैं। युवाओं में ‘टल्ली’ होकर डांस करने का प्रचलन है।
नशे में धुत्त यानी टल्ली होकर अब लड़कियों ने भी ड्राइविंग करना शुरू कर दिया है। पिछले पांच साल के आंकड़ों पर यदि गौर किया जाए तो ड्रिंक एंड ड्राइविंग की घटनाओं में इन क्रेजी लड़कियों की तादाद तेजी से बढ़ी है। इस तरह शराब पीकर गाड़ी चलाने से लड़कियां न सिर्फ खुद को बल्कि अन्य लोगों तो भी हानि पहुंचाती हैं।
साल २०१७ में पुलिस ने १२५ लड़कियों को ड्रिंक एंड ड्राइविंग के मामले में पकड़ा, जिनमें अधिकांशत: नामचीन उद्योगपतियों की बेटियां हैं।
बता दें कि पुलिस ड्रिंक एंड ड्राइविंग के केस रोकने के लिए लगातार पेट्रोलिंग और नाकाबंदी करती है। इसका असर साल २०१८ के ड्रिंक एंड ड्राइविंग मामलों पर पड़ा है। इसके बावजूद यदि महिलाओं का अनुपात देखा जाए तो शराब पीकर गाड़ी चलानेवाली महिलाओं की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। साल २०१४ में मात्र १२ लड़कियों पर ड्रिंक एंड ड्राइविंग के मामले हुए थे। २०१५ में यह संख्या तीन गुना बढ़ गई और ड्रिंक एंड ड्राइविंग के मामले में ३६ लड़कियां पकड़ी गर्इं। साल २०१६ में यह आंकड़ा तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ गया और पुलिस ने १२२ लड़कियों को ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में पकड़ा। साल २०१९ में जनवरी माह से अप्रैल तक कुल मिलाकर २० लड़कियों पर नशे में धुत्त होकर गाड़ी चलाने के मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस उपायुक्त शहाजी उमाप ने बताया कि पुलिस लगातार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रही है, जिससे २०१८ के आंकड़ों में गिरावट आई है। आजकल कुछ लड़कियां अपनी आजादी का गलत फायदा उठाती हैं, जिससे सभी लड़कियों पर पाबंदियां बढ़ जाती हैं। ड्रिंक एंड ड्राइविंग करना किसी के भी जीवन के लिए बेहद खतरनाक हैं।
ड्रिंक एंड ड्राइविंग के मामले
वर्ष महिलाएं कुल
२०१४ १२ १६,०१३
२०१५ ३६ १८,०३५
२०१६ १२२ २०,७६८
२०१७ १२५ १८,०५६
२०१८ ४९ ११,७११
२०१९ २० ५५४१
(जनवरी से अप्रैल)

लड़की ने की थी पुलिसवालों से मारपीट
साल २०१६ में पुलिस ने २१ वर्षीय गौरी भिड़े को शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में पकड़ा था। भिड़े के साथ उसके तीन अन्य दोस्त भी गाड़ी में सवार थे। नशे में धुत्त भिड़े वर्ली पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षकों के साथ भिड़ गई और ६ पुलिसवालों के साथ मारपीट की थी।
गाड़ी में लॉक कर लिया
साल २०१५ में एक महिला ने पुलिस द्वारा ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में पकड़े जाने पर सड़क पर ड्रामा करना शुरू कर दिया और खुद को गाड़ी में लॉक कर लिया। बांद्रा रिक्लेमेशन के पास पुलिस द्वारा ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में पकड़ी गई शिवानी बाली ने पहले स्पॉट से भागने की कोशिश की और नाकामयाब होने पर खुद को गाड़ी में ही लॉक कर लिया।