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‘मैं संतुष्ट हूं!’ -किटू गिडवानी

एक धारणा बनी हुई है कि ब्यूटी एंड ब्रेन डज नॉट गो टूगेदर! लेकिन मशहूर अभिनेत्री कौशल्या उर्फ किटू गिडवानी ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। साउथ मुंबई में रहनेवाली किटू ने अपने अभिनय की शुरुआत इंग्लिश थिएटर से की। मॉडलिंग, टीवी, फिल्म के बाद अब वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं। किटू अभिनीत शो ‘पॉट लक’ को कॉमेडी जॉनर के कारण बेहद पसंद किया जा रहा है। इस वेब शो में किटू गिडवानी बेहद दिलचस्प अंदाज में नजर आ रही हैं। पेश है किटू गिडवानी से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
लॉकडाउन का मुश्किल दौर वैâसा रहा?
२०२० में पूरी दुनिया ने कोरोना जैसी भयंकर महामारी को पहली बार फेस किया। आज भी हम उससे पूरी तरह से उबर नहीं पाए। बस, इतना जरूर है कि वैक्सीन लेने से आतंक की छाया पहले से थोड़ी कम हुई है।
वेब सीरीज ‘पॉट लक’ एक कॉमेडी शो है, आपके लिए कॉमेडी करना कितना आसान और कितना मुश्किलों भरा रहा?
हमेशा से मेरे लिए कॉमेडी सबसे ज्यादा पसंदीदा जॉनर रहा है। इसकी एक मुख्य वजह यह है कि मैंने जिन अंग्रेजी नाटकों में अभिनय किया, उनमें अच्छी कॉमेडी करने के मौके मुझे खूब मिले। इंसान जिंदगी जीने की कश्मकश में इतना उलझा रहता है कि उसे हंसाने के लिए काफी प्रयास करने पड़ते हैं। मैं कॉमेडी को दिल से एन्जॉय करती हूं। लेकिन अपने देश में मेरी राय में सोफिस्टिकेटेड कॉमेडी नहीं पेश होती, मुझे लाउड कॉमेडी कभी रास नहीं आई। मुझे विदेशों के चार्ली चैपलिन, जॉन क्लिस, जॉर्ज कार्लिन कॉमेडियंस हमेशा से पसंद आए और इनकी कॉमेडी ने बहुत अच्छा स्तर साबित कर दिखाया।
क्या है आपका किरदार?
व्यक्तिगत जीवन में मुझे बच्चे नहीं हैं पर मैंने यहां दो बच्चों की मां का किरदार निभाया है। सिचुएशनल कॉमेडी आजकल कम देखने को मिलती है, जो यहां देखने मिलेगी, जिसे दर्शक पसंद करेंगे।
सुना है इस कॉमेडी का फिल्मांकन लॉकडाउन के दौरान किया था?
गुड़गांव में एक बड़े से बंगले में बायोबबल टेक्निक का प्रयोग करते हुए हमने ‘पॉट लक’ की शूटिंग पूर्ण की। सभी को एक्टर्स के साथ वक्त ऐसे शानदार बीता, जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगी।
क्या अपने देश का कोई स्टैंड अप कॉमेडियंस आपको पसंद नहीं?
पिछले दो-तीन वर्षों से मुझे मित्तल सिस्टर्स की स्टैंड अप कॉमेडी अच्छी लगने लगी है। वैसे कॉमेडी लिखना भी बेहद चैलेंजिंग काम है, जो अब अपने यहां नजर आने लगा है।
आपकी अभिनय जर्नी कैसी रही, कितनी संतुष्ट हैं आप?
मुझे नहीं लगता कि कोई भी कलाकार अपनी अभिनय पारी पर शत-प्रतिशत संतुष्ट होता होगा। मैं खुश हूं कि मुझे मेरे मॉडलिंग फिल्ड ने समय-समय पर बड़े अच्छे मौके दिए। टीवी, फिल्म्स के साथ जो भी शोज मैंने किए उनसे मैं संतुष्ट हूं। लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी इंग्लिश थिएटर ने दी। मैंने २० वर्षों से अधिक वक्त अंग्रेजी नाटकों को दिया और मेरे अंग्रेजी नाटक हमेशा कामयाब रहे। मुझे अंग्रेजी नाटकों में हमेशा चैलेंजिंग रोल मिले।
छोटे पर्दे पर ज्यादा नजर न आने की क्या वजह रही?
मैंने हमेशा से क्वालिटी पर बिलीव किया क्वांटिटी पर नहीं। मेरा टीवी धारावाहिक ‘स्वाभिमान’, ‘जूनून’ बहुत पसंद किया गया। मैंने कभी भी रूटीन रोल और फिल्में नहीं करना चाहा। हमेशा से मुझे थोड़े वेस्टर्न टाइप रोल के लिए कंसीडर किया गया। मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है। इतने लंबे करियर के बाद आज भी मुझे याद किया जाता है। अच्छे रोल्स मुझे आज भी मिल रहे हैं इससे ज्यादा सुकून देनेवाली बात मेरे लिए और क्या होगी?