मैं हिंदुस्थानी! मेरे मस्तिष्क में नालंदा के विचार, शरीर में दाल-चपाती और दोसा -दलाई लामा

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा मुंबई विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में आए हैं। इस दौरान दलाई लामा ने एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक बार चीन और अमेरिकी मीडिया ने उनके पूछा कि आप खुद को हिंदुस्थान का पुत्र कैसे कहते हैं? इस पर उन्होंने उत्तर दिया कि मेरे मस्तिष्क में नालंदा विश्वविद्यालय के विचार, भौतिक शरीर में हिंदुस्थान की दाल, चपाती और दोसा है इसलिए मानसिक और शारीरिक रूप से मैं इस देश का हूं। दलाई लामा के इस उत्तर ने जहां प्रश्नकर्ताओं को चुप करा दिया वहीं विश्व को यह भी संदेश दे दिया कि कैसे अटूट नाता भारत से जुड़ा हुआ है।
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा बुधवार को मुंबई विश्वविद्यालय के कालीना कैंपस में एक कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में आए थे। उन्होंने अपने भाषण में मैत्री, स्नेह और उदारता के महत्व के बारे में छात्रों को बताया।