मैच के मोह में मौत फिक्सिंग, केईएम के प्रशिक्षु डॉक्टर ने पांचवीं मंजिल से लगाई छलांग

वैसे तो मौका कोई भी हो सट्टेबाज सट्टा लगाने का मौका चूकना नहीं चाहते हैं, लेकिन जब मौसम क्रिकेट का हो तो सट्टेबाजी का स्तर बहुत ही व्यापक हो जाता है। टॉस से लेकर आखिरी गेंद तक टीम के साथ हर खिलाड़ी द्वारा बनाए जानेवाले संभावित रन और गेंदबाज द्वारा रन गंवाने तथा विकेट हासिल करने पर करोड़ों रुपए का दांव लगता है। मैनचेस्टर में टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए विश्व कप का २२वां मैच देखने के बाद एक प्रशिक्षु डॉक्टर ने खुदकुशी कर ली। मैच की समाप्ति के बाद उक्त डॉक्टर ने अपनी मौत फिक्स करते हुए इमारत की छत से कूदकर खुदकुशी कर ली। ऐसे में उसके सट्टेबाजी में लिप्त होने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
ओंकार महेश ठाकुर नाम का यह डॉक्टर दादर पश्चिम स्थित कोहिनूर टॉवर की पांचवी मंजिल पर रहता था। ओंकार ने कल भोर में ४ बजे के करीब खुदकुशी की। २१ वर्षीय ओंकार केईएम अस्पताल में फिजियोथेरेपी के तृतीय वर्ष का छात्र था। बताया जा रहा है कि उसकी परीक्षा होनेवाली थी पर वह उसकी पर्याप्त तैयारी न कर पाने से निराश था। आत्महत्या पूर्व देर रात तक ओंकार ने हिंदुस्थान-पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच का लुत्फ उठाया। मैच खत्म होने के बाद ओंकार छत पर गया और वहां से नीचे कूद गया। इमारत के पास से गुजर रहे एक शख्स ने खून से लथपथ ओंकार को जमीन पर गिरा देखा और उसने इमारत के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। उसे तुरंत सायन अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोलकता में एक डॉक्टर से मारपीट के विरोध में कल देशभर के डॉक्टरों द्वारा किए गए २४ घंटे की हड़ताल से कल मुंबईकर दिनभर परेशान रहे। इसी बीच कल मुंबई में एक प्रशिक्षु डॉक्टर द्वारा खुदकुशी की घटना ने मुंबईकरों को सकते में डाल दिया। कुछ दिन पहले नायर अस्पताल की निवासी डॉक्टर पायल तडवी की खुदकुशी के बाद कल एक और प्रशिक्षु डॉक्टर द्वारा खुदकुशी किए जाने की घटना इन डाक्टरों के परिजनों समेत मुंबईकरों के लिए दोहरा आघात है।
बता दें कि कल केईएम अस्पताल में तृतीय वर्ष फिजियो थेरेपी के प्रशिक्षु डॉक्टर ओंकार ठाकुर ने दादर-पश्चिम स्थित कोहिनूर टॉवर की छत से कूद कर मौत को गले लगा लिया था। इससे पहले नायर अस्पताल में निवासी डॉक्टर के रूप में शिक्षा ग्रहण कर रही डॉक्टर पायल तडवी ने अस्पताल में फांसी के फंदे से लटक कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पायल के परिजनों ने नायर अस्पताल की तीन वरिष्ठ डॉक्टरों पर पायल को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था जबकि ओंकार की खुदकुशी की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि मरने से कुछ देर पहले ओंकार ने अपने पिता से फोन पर बात की थी। ओंकार ने पिता को बताया था कि वह अगले दिन होनेवाली परीक्षा की तैयारी पूरी नहीं कर सका है। फिलहाल आजाद मैदान पुलिस पुलिस इस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।

पहले देखा हिंदुस्थान-पाकिस्तान मैच
परीक्षा की तैयारी न होने से हुआ निराश
तनाव में उठाया आत्महत्या का कदम
वर्ल्ड कप के मैच में सट्टेबाजी का शक