मॉनसून के १९ दिन मारक!, १ सितंबर सबसे खतरनाक

समंदर में आएगा ४.९१ मीटर का ज्वार
२२ ज्वार रहेंगे ४.५ मीटर से ऊंचे

मॉनसून करीब आ रहा है और यह तो सबको पता है कि समंदर की लहरें काफी खतरनाक हो जाती हैं। इस बार १ सितंबर का दिन मुंबई में सबसे खतरनाक है क्योंकि इस दिन समंदर में ४.९१ मीटर की ऊंची लहरें उठेंगी। इस मॉनसून में १९ दिन खतरनाक होंगे जिनमें २२ बार ४.५ मीटर से ऊंची लहरें उठनेवाली हैं। इस दौरान पानी में उतरना या करीब जाना मुंबईकरों और पर्यटकों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
चिलचिलाती धूप से बेहाल मुंबईकरों को मॉनसून का बेसब्री से इंतजार है। दूसरी ओर मॉनसून के नजदीक आने के साथ ही मनपा हर तरह का ऐहतियात बरतने में लगी है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार १९ दिन खतरनाक हैं जिनमें २२ बार ४.५ मीटर से ऊंची लहरें उठेंगी। इसे ध्यान में रखकर मनपा ने मुंबईकरों को सावधान करना शुरू कर दिया है।
मनपा द्वारा जारी किए एक अलर्ट के अनुसार मॉनसून के १९ दिन मारक साबित हो सकते हैं। यानी इस दौरान मुंबईकर समुद्र किनारे जाएं भी तो पानी में उतरने का जोखिम मोल न लें। इन १९ दिनों में भी १ सितंबर सबसे खतरनाक साबित होगा। इस दिन समंदर से उठनेवाली लहरें ४.९१ मीटर ऊंची होंगी।
जून से सितंबर के बीच मॉनसून के दौरान इस बार २२ बार ४.५ मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठेंगी। ऐसे में ज्वार के दौरान समंदर के किनारे लोगों को जाने से बचना चाहिए। साल २०१८ में मॉनसून के दौरान पिछले साल २५ ज्वार दर्ज की गई थी जबकि इस बार २८ ज्वार के समुद्र में आने की जानकारी मनपा से मिली है। इस साल जून में ६ बार ये ज्वार आएंगे। जबकि जुलाई में ७ बार, अगस्त में ८ बार और सितंबर में ७ बार ऊंची लहरें समंदर में उठनेवाली हैं। ये लहरें ४.५ मीटर से ऊंची होंगी। जून महीने में सोमवार के दिन १७ जून को ४.५१ मीटर की सबसे ऊंची लहरें उठेंगी। मात्र जुलाई में २ से ७ जुलाई के बीच ४.५४ मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठेंगी। २ जुलाई को ४.५४ मीटर, ३ जुलाई ४.६९ मीटर, ४ जुलाई ४.७८ मीटर, ५ जुलाई ४.७९ मीटर, ६ जुलाई ४.७४ मीटर और ७ जुलाई को ४.६० मीटर ऊंची लहरें समंदर में उठेंगी। इसी तरह अगस्त महीने में शुरुआत के ५ दिन समंदर में ऊंची लहरें उठेंगी जो कि सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक होंगी। १ अगस्त से ५ अगस्त के बीच ४.७४ मीटर से ४.६५ मीटर की ऊंची लहरें उठेंगी। ऐसे में मॉनसून के दौरान समंदर की सैर करनेवाले पर्यटकों को समंदर में जाने से परहेज करना चाहिए। वर्ना ये लहरें जानलेवा साबित हो सकती हैं।