मोटरमैन केबिन के नीचे मिला नवजात बच्चा

शनिवार देर रात करीब १२.४५ बजे पुलिस हेल्पलाइन पर लोकल ट्रेन के मोटरमैन केबिन से जुड़े पहले कोच में सीट के नीचे कुछ संदेहास्पद वस्तु पड़ी होने की सूचना मिली। कॉल करनेवाले ने अपनी पहचान नहीं बताई। यह ट्रेन चर्चगेट से भाइंदर जा रही थी। ट्रेन के दादर प्लेटफॉर्म क्रमांक-१ पर पहुंचने के बाद रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ट्रेन को अटेंड किया गया। जवानों को ट्रेन की सीट के नीचे प्लास्टिक का थैला मिला। थैले की जांच में सफेद कपड़े में लिपटा हुआ एक नवजात बच्चा मिला। मुंबई सेंट्रल जीआरपी ने इस घटना में अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा ३१७ के तहत मामला दर्ज किया है।
ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान रामावतार गुर्जर और लखनलाल सैनी ने बच्चे को तुरंत थैले से निकाला और उसे सायन अस्पताल ले गए। जवानों ने बताया कि बच्चे को थैले से निकालते वक्त हल्की सी मुस्कान देखकर राहत मिली। अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि बच्चा महज ७ दिन का है। उसे फिलहाल अस्पताल में ही रखा गया है।
मुंबई सेंट्रल जीआरपी ने बताया कि अभी तक इससे जुड़ा कोई फुटेज नहीं मिला है। आरपीएफ द्वारा चर्चगेट से प्रभादेवी तक सभी स्टेशनों के फुटेज देखे जा रहे हैं। इस मामले की जांच के लिए जीआरपी द्वारा विशेष टीम का गठन कर दिया गया है। आरपीएफ द्वारा भी जांच की जा रही है।
पहले भी हुई थीं ऐसी घटनाएं
अगस्त २०१८ में मध्य रेलवे पर ट्रेन में बच्चे को लावारिश छोड़ने की एक घटना सामने आई थी। लोकमान्य तिलक टर्मिनस -वाराणसी एक्सप्रेस में किसी ने दरवाजे के पास नवजात शिशु को लावारिश छोड़ दिया था।
जनवरी २०१९ में अंबरनाथ में एक नाले में नवजात बच्चा मिला था। इस बच्चे को एक दंपति ने देखा, जिन्होंने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। बच्चे ने इलाज के २२ दिन बाद अपनी आंखें खोलीं। जिंदगी और मौत से लड़नेवाले इस बच्चे का नाम दंपति ने टाइगर रखा।