मोदी जी अयोध्या कब आओगे?

दिवाली के दिन कल पीएम नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। सभी टीवी चैनलों पर मोदी की इस पूजा को लाइव दिखाया गया। पीएम बनने के बाद मोदी ३ बार केदारनाथ और कई बार काशी विश्वनाथ जा चुके हैं। जबकि जिस राम रथ पर सवार होकर भाजपा केंद्र की सत्ता तक पहुंची उस राम जन्मभूमि की नगरी अयोध्या को मोदी भूल गए और एक बार भी यहां नहीं आए। यहां तक कि मोदी देश विदेश में कई मस्जिद तक में जा चुके हैं। ऐसे में अयोध्यावासियों का पीएम मोदी से सीधा सवाल है कि मोदी जी, अयोध्या कब आओगे? मगर पूरी दुनिया के धार्मिक स्थलों के चक्कर लगानेवाले मोदी कों अयोध्या की याद ही नहीं आती।देश का पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी से अयोध्यावासियों को बड़ी उम्मीद थी कि वे अयोध्या जरूर आएंगे और उनके नेतृत्व में मंदिर निर्माण की शुरुआत होगी। मगर मंदिर निर्माण की शुरुआत होनी तो दूर की बात है, मोदी ने साढ़े चार साल के दौरान एक बार भी अयोध्या का रुख करना मुनासिब नहीं समझा। इससे अयोध्यावासियों में पीएम मोदी के प्रति खासी नाराजगी है।
अयोध्या की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि मोदी जी आप ने तो राम के नाम पर सरकार बना ली और देश के पीएम बन गए पर क्या एक बार भीr राम जन्मभूमि की याद नहीं आई? जिनकी बदौलत आप को देश की सत्ता मिली। आप देश और देश के बाहर अनेक मंदिरों में दर्शन किए, सऊदी अरब में मंदिर का निर्माण करवा दिए लेकिन अयोध्या में राम जन्मभूमि पर एक बार भी नहीं आए। मोदी के अयोध्या न आने को लेकर अयोध्या की जनता में व्यापक गुस्सा है। इसकी बानगी मंगलवार को दिखी जब सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास के लिए ताबड़तोड़ करोड़ों रुपए के विकास पैकेज का एलान कर रहे थे, तब जनता उनसे बार-बार एक ही सवाल कर रही थी कि योगी जी मंदिर कब बनाओगे, तारीख कब बताओगे? मंगलवार को राम की पैड़ी पर ३ लाख से ज्यादा दीप जलाकर योगी ने दीपोत्सव का कीर्तिमान गिनीज बुक में दर्ज करा लिया। वहीं उन्होंने राम मंदिर के निर्माण पर एक शब्द भी नहीं कहा।
अब अयोध्यावासी इस बारे में मोदी से सवाल पूछ रहे हैं। नया घाट पर फूल माला की दुकान करनेवाले नरेंद्र सैनी ने कहा कि हम लोग यह सुनने को तरस गए कि इस तारीख को मोदी अयोध्या आकर रामलला का दर्शन करेंगे। राम की पैड़ी के निकट सरयू का जल और चंदन उपलब्ध कराने वाले राघव लाल ने कहा कि उनका परिवार गुजरात में कपड़े का व्यवसाय करता है। हम लोग बहुत दिन से इंतजार कर रहे हैं कि पीएम मोदी अयोध्या आएंगे लेकिन धीरे-धीरे ५ वर्ष पूरा होने को हैं। मोदी ने अयोध्या आने का कोई संकेत भी नहीं दिया। कभी सरयू तट पर नाव चलाने का काम करनेवाले रामप्रीत ने कहा कि अयोध्या में ही राम-राज नहीं है। प्रशासन की लापरवाही से यहां एक नाव दुर्घटना हो गयी थी। अपनी नाकामी छिपाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने यहां नाव चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि बाबू बुरा न मानना, मोदी झूठ की मशीन साबित हो गए, वे अयोध्या आवें या न आवें हमारी नाव चालू करा दें। गुजराती धर्मशाला से जुड़े बबलूदास ने कहा कि गुजरात से आनेवाले श्रद्धालुओं को भी नरेंद्र मोदी के अयोध्या न आने का मलाल है। उन्होंने कहा कि उल्टे राम मंदिर के लिए लड़नेवाले नेताओं को मोदी नेतृत्व ने वनवास दे दिया। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती जिनको अब चुनाव नहीं लड़ना है, अयोध्या के पूर्व सांसद विनय कटियार, पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती समेत सारे हिंदूवादी नेता आज सत्ता से दूर भाजपा में हाशिए पर ढकेल दिए गए हैं।
मोदी के मस्जिद यात्रा
पीएम मोदी पिछले साढ़े चार साल में विदेश यात्रा के दौरान चार बार मस्जिद में जा चुके हैं। हाल में वे सिंगापुर दौरे पर चिलुया मस्जिद में गए थे जहां उनके साथ सिंगापुर की सांस्कृतिक मंत्री ग्रेस यीन भी मौजूद थीं। यह सिंगापुर की सबसे पुरानी (१९२ साल की) मस्जिद भी है। इससे पहले वे इंडोनेशिया के इस्तकलाल मस्जिद गए थे। इस्तकलाल दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद है। इस दौरान उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति विडोडो जकार्ता भी मौजूद थे। फरवरी २०१८ में मोदी मस्कट में सुल्तान कबूज ग्रांड मस्जिद में गए थे। सितंबर २०१७ में मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ अमदाबाद में १६वीं सदी में बने सिदी सैयद की जाली मस्जिद में गए थे। मोदी प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह में भी चादर भेजते रहे हैं। पिछले साल मोदी की ओर से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने चिश्ती के ८०५वें उर्स के अवसर पर दरगाह में चादर चढ़ाई थी। मोदी सितंबर २०१७ में म्यांमार यात्रा के दौरान बादशाह बहादुर शाह जफर की मजार पर गए और वहां फूल चढ़ाए और इत्र भी छिड़का था।