मोदी बोले- घुसकर मारेंगे!,  नए हिंदुस्थान की नीति है, आतंक को हराकर दम लेंगे यह हमारा संकल्प है

महायुति की विराट जनसभा में उद्घोष

लोकसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में लातूर के औसा में कल शिवसेना-भाजपा-आरपीआई महायुति की रिकॉर्डतोड़ विशाल सभा हुई। इस सभा में जहां शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की तोप गरजी, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष पर जमकर हमला बोला। मोदी ने कांग्रेस के घोषणापत्र को ‘ढकोसला’ पत्र तो कांग्रेस-राकांपा व अन्य दलों के गठबंधन को मिलावटी आघाड़ी की उपाधि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर आतंकवादियों के खिलाफ सरकार के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के अड्डे में घुसकर मारना नए हिंदुस्थान की नीति है। आतंक को हराकर ही हम दम लेंगे, यही हमारा संकल्प है।

बता दें कि शिवसेना-भाजपा युति के बाद यह पहली सभा थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक साथ विशाल सभा को संबोधित किया। इस सभा पर पूरे देश की निगाह टिकी हुई थी। सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और उनके दलों की जमकर बखिया उधेड़ी। पुलवामा हमले के जवाब में हिंदुस्थान की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के अगले दिन गिराए पाक सेना के विमान पर किए गए सवालों के लिए भी प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नौजवानों-बुजुर्गों को देश की सेना, वायुसेना से कितने सबूत चाहिए?
कांग्रेस पर बरसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और साथियों की देश विरोधी सोच है। कांग्रेस ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा ३७० किसी भी कीमत पर नहीं हटाई जाएगी। जो बात कांग्रेस का ढकोसला पत्र कह रहा है, वही भाषा पाकिस्तान बोल रहा है। कांग्रेस कह रही है कि जम्मू-कश्मीर में अराजकता पैâलानेवालों से बातचीत करेंगे, हिंसावाले इलाकों में सेना को मिले विशेष अधिकार वापस लेंग और देश के टुकड़े करनेवालों को खुला लाइसेंस देंगे, देशद्रोह का कानून खत्म करेंगे। जो कांग्रेस कहती है वही पाकिस्तान भी चाहता है कि हिंदुस्थान के खिलाफ बातें करनेवालों को खुली छूट मिल जाए। कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा है, अंत्योदय हमारा दर्शन है और सुशासन हमारा मंत्र है। इसी भावना पर नए हिंदुस्थान के निर्माण के लिए हम देश के हर नागरिक की हिस्सेदारी चाहते हैं। एक तरफ हमारी नीति-नियत है और दूसरी तरफ विरोधियों का दोहरा रवैया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र केवल मतों के लिए है लेकिन हमारा संकल्पपत्र मतदाताओं के लिए है। कांग्रेस की सहयोगी राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार पर भी प्रधानमंत्री ने निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस और एनसीपी जम्मू-कश्मीर के लिए अलग पीएम चाहनेवालों के साथ खड़ी हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस से तो देश को कोई उम्मीद नहीं लेकिन शरद पवार को यह शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि राजनीति अलग है, शरद पवार वहां शोभा नहीं देते। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलियों पर प्रहार और आदिवासियों तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने दिन-रात मेहनत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों का विचार करके महायुति ने संकल्पपत्र बनाया है। भविष्य में किसानों के हितों के लिए किए गए संकल्प पर भी उन्होंने रोशनी डाली। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे छह महीने से चौकीदार चोर है बोल रहे थे लेकिन बक्सों में भरकर नोट कहां से निकला? चोर कौन है?

मेरे छोटे भाई उद्धव ठाकरेजी…!
जनसमुदाय को अभिवादन करके भाषण के लिए खड़े रहते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मेरे छोटे भाई उद्धव ठाकरे जी’ का उल्लेख करते हुए मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत की। मां तुलजा भवानी, सिद्धेश्वर महाराज, शिवलिंग शिवाचार्य महाराज को मेरा साष्टांग नमस्कार ऐसा कहते हुए मोदी ने जनसमुदाय को इंगित करते हुए कहा कि इतनी कड़ी धूप में आप तप रहे हो, आपकी यह तपस्या मैं व्यर्थ नहीं जाने दूंगा। विकास कार्य करके ब्याज सहित मैं आपके इस प्रेम और तपस्या का ऋण चुकाऊंगा। आपका विश्वास ही इस चौकीदार की पांच वर्षों की कमाई है।

बालासाहेब ने देश का विचार किया
परिवारवाद चलानेवाली कांग्रेस पर बरसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ एक परिवार के विकास में जुटी है। परिवारवाद चलानेवाले दलों को हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख श्री बालासाहेब ठाकरे से सीखना चाहिए। बालासाहेब चाहते तो खुद भी मुख्यमंत्री बन सकते थे। वे चाहते तो उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बना सकते थे लेकिन बालासाहेब ने वह रास्ता नहीं चुना। परिवारवाद में वे नहीं फंसे, उन्होंने देश का विचार किया। शिवसेनाप्रमुख को लेकर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस के मुंह से मानवाधिकार की बातें शोभा नहीं देतीं। कांग्रेस ने बालासाहेब की नागरिकता छीन ली थी, मतदान करने का अधिकार छीन लिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान मराठवाड़ा की जनता से आह्वान किया कि वे बालासाहेब के चुने हुए रास्तों पर चलें।