पीएम मोदी बनेंगे विश्व गुरु!, ज्योतिर्विद की भविष्यवाणी

मोदी का दूसरा कार्यकाल ३० मई से शुरू होगा। इसको लेकर की जा रही भविष्यवाणी में दावा किया गया है कि मोदी का यह कार्यकाल विश्व में हिंदुस्थान की उपलब्धियों, विश्वगुरु की छवि के रूप मे विकास, औद्योगिक उन्नति और महिलाओं के कल्याण के लिए विशेष कार्योंवाला होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल की शुरूआत ३० मई सायं ७:३० बजे करेंगे। इस शपथ विधि को ज्योतिषीय दृष्टि से निरुपित किया है पं.बालकृष्ण मिश्र ने। शपथ ग्रहण समारोह की तिथि ३० मई को ७.३० बजे निर्धारित की गई है। पंडित जी ने कहा है कि शपथ ग्रहण की तिथि के आधार पर यदि सत्ता कार्य क्षेत्र में हिंदुस्थान के भविष्य के बारे में विचार करते हैं तो शपथ ग्रहण चौघड़िया अमृत योग बना रहा है। पंचांग के आधार पर देखा जाए तो द्वादशी तिथि आ रही है, जो भद्रा नामक तिथि कही जाती है। यह तिथि देश के विकास के लिए, कल्याण के लिए प्रशस्त मानी जाती है। इसी दिन रेवती नक्षत्र एवं सौभाग्य योग गोधूलि बेला में संयोग से ‘प्रचंड सूर्यकला’ नामक विशेष योग बन रहा है। इस योग में शपथ ग्रहण द्वारा नरेंद्र मोदी को विष से भी अमृत निकालने का सामर्थ्य प्राप्त होगा। मोदी मजबूती से देश-दुनिया में अपने प्रभाव एवं देश के वर्चस्व को कायम रखेंगे। द्वितीय भाव का शनि के चौथे भाव पर दृष्टि डालने से देश की जनता और व्यक्तित्व श्रेष्ठ उपलब्धियों को प्राप्त करेगा, शत्रुओं को परास्त करने का सामर्थ्य प्राप्त होगा, व्यापार के क्षेत्र एवं निजी निवेश में भागीदारी के मार्ग को भी प्रशस्त करेंगे। सप्तम स्थान पर बुध एवं सूर्य स्थित होने के कारण नारी शक्ति के विकास के लिए विशेष प्रयास किया जाएगा। शनि, मंगल एवं राहु के परस्पर दृष्टि से हिंदुस्थान के सैन्यबल विस्तार एवं विज्ञान के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां भी प्राप्त होंगी। देश वैभवशाली बनेगा अर्थात तिजोरी लबालब भरी रहेगी, पड़ोसी देशों से संबंध अच्छे रहेंगे, युद्ध की समस्याएं नहीं के बराबर होंगी, देश वैभवशाली, शैक्षणिक क्षेत्र में प्रगति एवं महंगाई भी न्यूनतम होने का संकेत मिल रहा है। लोकसभा चुनाव -२०१९ के परिणाम के पहले ही ज्योतिर्विद डॉ. बालकृष्ण मिश्र ने भविष्यवाणी की थी कि राजग की भारी बहुत से जीत होगी। नरेंद्र मोदी फिर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उनकी भविष्यवाणी शत-प्रतिशत सच हुई।