मोदी सरकार ने पहली बार माना- नोटबंदी का किसानों पर हुआ बुरा असर

२०१६ में मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी ने पूरे देश को अस्त-व्यस्त कर दिया था। आज भी बाजार नोटबंदी के हमले से पूरी तरह संभल नहीं पाया है। हालांकि नोटबंदी के वक्त से आज तक सरकार इसे फायदेमंद बताती रही है। लेकिन अब पहली बार मोदी सरकार ने माना है कि नोटबंदी का किसानों पर बुरा असर हुआ। मोदी सरकार के कृषि मंत्रालय ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। हालांकि कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि २०१६-१७ में बीजों की बिक्री २०१५-१६ की अपेक्षा ज्यादा हुई।
ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि नोटबंदी का कृषि पर कोई विपरीत असर पड़ा।
वित्त मंत्रालय से जुड़ी संसद की एक स्थायी समिति की बैठक में कृषि मंत्रालय ने माना है कि नगदी की कमी के चलते लाखों किसान, रबी सीजन में बुआई के लिए बीज-खाद नहीं खरीद सके जिसका उन पर काफी बुरा असर पड़ा। कृषि मंत्रालय ने नोटबंदी के असर पर एक रिपोर्ट भी संसदीय समिति को सौंपी है। कृषि मंत्रालय ने समिति को बताया कि नोटबंदी जब लागू हुई तब किसान या तो अपनी खरीफ की पैदावार बेच रहे थे या फिर रबी फसलों की बुआई कर रहे थे। ऐसे समय में किसानों को नगदी की बेहद जरूरत होती है, पर उस समय वैâश की किल्लत के चलते लाखों किसान बीज और खाद नहीं खरीद सके। कृषि मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में यहां तक कहा है कि बड़े किसानों को भी खेती के कामों का मेहनताना देने और खेती की जरूरतों को पूरा करने में दिक्कत का सामना करना पड़ा था।