मोदी सरकार पर ग्रहण, साल का पहला सूर्यग्रहण बढ़ाएगा मुश्किलें

हिंदुस्थान में आमतौर पर सूर्यग्रहण के दौरान जप-हवन आदि का महत्व है। यही सूर्यग्रहण कब किस तिथि और योग में पड़ता है इसका राजनीति पर भी व्यापक असर पड़ता है। ज्योतिर्विदों का मानना है कि यह खगोलीय घटना वर्तमान सरकार की सियासी मुश्किलें बढ़ाएगी। आज का सूर्यग्रहण मोदी सरकार पर ग्रहण लगाएगा क्या? इसको लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।

ज्योतिषीय जानकारों का मानना है कि हिंदुस्थान की राजनीति में धनु राशि में पड़ रहे ग्रहण के प्रभाव से राफेल तथा ऑगस्टा जैसे रक्षा सौदों में हुए कथित घोटालों के कारण हो रही राजनीतिक उठा-पटक पूरे वर्ष चलती रहेगी। वर्तमान सरकार को भी अपेक्षानुसार फल नहीं मिल पाएगा।

पौष कृष्ण अमावस्या शनिवार, ५ जनवरी की देर रात साल २०१९ का पहला सूर्यग्रहण लगा। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण हिंदुस्थान में दिखाई नहीं देगा लेकिन सभी को प्रभावित तो जरूर करेगा। हिंदुस्थानी समयानुसार सूर्यग्रहण का स्पर्श ६ जनवरी को सूर्योदय से पूर्व ५.०४ बजे प्रारंभ होकर इसका मोक्ष प्रात: ९.१८ बजे का है। यह ग्रहण वृश्चिक लग्न, धनु राशि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है। आकाश मंडल में उपस्थित प्रत्येक ग्रह का प्रभाव पृथ्वी पर होता है इसलिए प्रकृति, पर्यावरण, वायुमंडल पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। वृश्चिक लग्न और धनु राशि में होने के कारण इन दोनों राशि वालों पर ग्रहण का अशुभ प्रभाव हो सकता है इसलिए पंडित जन भगवान शिव और हनुमान जी की आराधना की सलाह दे रहे हैं। वैसे समस्त राशि वालों को ग्रहण के दौरान अपने ईष्ट देव या देवी के मंत्रों का जाप करना चाहिए। बता दें कि धनु को युद्ध और अस्त्र-शस्त्र की राशि माना जाता है। धनु राशि में पड़ रहे ग्रहण के प्रभाव से एशिया के देशों में हथियारों की होड़ तेजी से बढ़ेगी, जिससे चीन और पाकिस्तान के साथ हिंदुस्थान के रिश्तों में तनाव बढ़ेगा जो साल के अंत तक चरम पर पहुंचने लगेगा। हिंदुस्थान की घरेलू राजनीति में धनु राशि में पड़ रहे ग्रहण के प्रभाव से राफेल तथा ऑगस्टा जैसे रक्षा-सौदों में हुए कथित घोटालों के कारण हो रही राजनीतिक उठा-पटक पूरे वर्ष चलती रहेगी। साल के अंत में दिसंबर में होनेवाले एक बड़े सूर्य ग्रहण के साथ इन दोनों मामलों में कुछ बड़े नेताओं और अधिकारियों के जेल जाने की भी संभावना बनने लगेगी।

इस विषय पर प्रसिद्ध ज्योतिर्विद डॉ. बालकृष्ण मिश्र का कहना है कि भाजपा की राशि धनु है। धनु राशि पर ही सूर्यग्रहण लगा है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि जिस राशि पर ग्रहण लग रहा है, उसे कुछ न कुछ क्षति अवश्य होगी। यदि भाजपा की धनु राशि के आधार पर जन्मांग चक्र बनाकर विचार किया जाए तो चौथे स्थान पर मंगल बैठा है और अपनी पूर्ण दृष्टि से दशम भाव को देख रहा है। मंगल सेनापति ग्रह कहा जाता है। नेतृत्व सामर्थ्य देता है। हालांकि भाजपा के लिए ये पक्ष भले ही ठीक हों लेकिन इस सूर्यग्रहण से कुछ न कुछ नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा यानी भाजपा को अपेक्षानुसार लाभ नहीं मिल पाएगा। ग्रहण के अलावा साढ़ेसाती का प्रभाव इस राशि पर है।