मोनो की ‘ड्राइवर’ २०२९ तक एमएमआरडीए को लाइसेंस

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने देश की पहली मोनो रेल का परिचालन निजी कंपनी से छीनकर खुद के हाथ में ले लिया है। इसी के साथ ही यह भी माना जा रहा है कि २०२९ तक एमएमआरडीए मोनो रेल का परिचालन और रख-रखाव खुद ही करेगी, यानी २०२९ तक घाटे में चल रही मोनो रेल का ड्राइवर एमएमआरडीए ही रहेगी। वहीं सूत्रों की मानें तो मोनो रेल के दूसरे चरण का परिचालन फरवरी २०१९ में शुरू हो जाएगा।
एमएमआरडीए के अधिकारियों के अनुसार लार्सन एंड टुब्रो व स्कोमी इंजीनियरिंग की संयुक्त कंपनी एलटीएसई के साथ करार टूटने के बाद एमएमआरडीए ने मोनो रेल का परिचालन, रख-रखाव व मरम्मत कार्य खुद करने का निर्णय लिया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मुंबई में पैâल रहे मेट्रो रेल के परिचालन के लिए एमएमआरडीए एक नई कंपनी का निर्माण करेगी। यह कंपनी मोनो रेल और मेट्रो रेल दोनों को संयुक्त रूप से चलाएगी। खास बात यह भी है कि घाटे में चल रही मोनो रेल को अस्तित्व में बनाए रखने के लिए मेट्रो परिचालन से होनेवाले मुनाफे का कुछ हिस्सा मोनो रेल के परिचालन पर खर्च किया जाएगा, ताकि इसे चलाने के लिए समय-समय पर संजीवनी बूटी मिलती रहे। एमएमआरडीए अधिकारियों का कहना है कि दूसरे चरण के लिए रेक का फिटनेस टेस्ट दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जनवरी के अंत तक सभी प्रक्रिया पूरी कर २ फरवरी, २०१९ से मोनो रेल का दूसरा चरण वडाला से जैकब सर्कल के बीच शुरू होने का अनुमान है। स्कोमी को कुल १५ मोनो रेल के रेक मुहैया करने थे लेकिन केवल १० ही रेक यह कंपनी मुहैया करा पाई थी, इनमें से ६ रेक का परिचालन हो रहा है जबकि अन्य चार रेक यार्ड में फिटनेस टेस्ट की कतार में हैं।