मोनो को मिली धड़कन, वडाला डेपो पहुंचे ११२ कलपुर्जे

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) दूसरे चरण में वडाला से जैकब सर्कल तक मोनो रेल चलाने के लिए बेताब है। उसकी यह बेताबी मलेशिया से लाए गए मोनो रेल के कलपुर्जे दूर करेंगे। जेएनपीटी बंदरगाह पर लंबे समय से पड़े मोनो रेल के कलपुर्जे कल मोनो रेल के वडाला डेपो में पहुंच गए।
शुक्रवार को दो कंटेनर में भरकर मोनो रेल के ११२ प्रकार के कलपुर्जे मलेशिया से लाए गए हैं। ये कलपुर्जे यार्ड में खड़े तीन मोनोरेल को दुरुस्त करेंगे और वडाला से जैकब सर्कल तक दौड़ने के लिए रैक तैयार किए जाएंगे। कल इन कलपुर्जों के आने से मार्च में दूसरे चरण की मोनोरेल शुरू हो सकती है।
प्राधिकरण के पास मोनोरेल की १० गाड़ियां हैं, इसमें से सिर्फ ५ गाड़ियां चेंबूर से वडाला तक सेवा दे रही हैं। बची हुई दो गाड़ियां खराब हैं और तीन गाड़ियों में कुछ कलपुर्जे नहीं हैं इसलिए उन्हें दुरुस्त करने की जरूरत थी। नई गाड़ियों के खरीदकर आने में समय लगता और इससे सेवा में देरी होती। इसीलिए प्राधिकरण ने पुरानी गाड़ियों को दुरुस्त करवाकर उसे सेवा में लेना उचित समझा। इन गाड़ियों की दुरुस्ती और नई गाड़ी की आपूर्ति करने की जिम्मेदारी पहले मलेशिया के स्कोमी कंपनी के पास थी, लेकिन सेवा में देरी होने के कारण प्राधिकरण और कंपनी में विवाद शुरू हो गया। इसके बाद करार के तहत कार्य नहीं करने पर प्राधिकरण ने मोनो रेल के संचालन की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली और दूसरे चरण की मोनो रेल सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ी। इसी कड़ी में शुक्रवार को मोनोरेल का कलपुर्जा लाया गया है।

❛मलेशिया से ३ करोड़ रुपए की लागत से मोनोरेल के कलपुर्जे लाए गए हैं। इससे मोनोरेल का दूसरा चरण जल्द शुरू करना संभव होगा।
-दिलीप कवटकर (जॉइंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर)