मोनो मेरी जान, अब न करना परेशान

मोनो रेल का पहला चरण जब चेंबूर से वडाला के बीच शुरू हुआ था तो यह पहला चरण सुविधाओं की बजाय परेशानियों के लिए ज्यादा चर्चा में रहा। तकनीकी खराबी और आग लगने की घटनाओं आदि के चलते मोनो ने मुंबईकरों को रुसवा कर दिया था। आग की घटना के बाद लगभग १० महीने मोनो रेल का परिचालन बंद था। फिलहाल काफी परेशानियों के बीच एक बार फिर दोबारा मोनो का पहला चरण शुरू है, वहीं आज से मोनो का दूसरा चरण जीटीबी नगर से संत गाडगे महाराज चौक के बीच शुरू होने जा रहा है। ऐसे में हमेशा परेशानियों में घिरी रहनेवाली अपनी जान मोनो रेल अब कोई परेशानी न दे, ऐसी इच्छा मुंबईकर जता रहे हैं।
बता दें कि मोनो रेल के पहले चरण की शुरुआत काफी खराब रही है। लगातार तकनीकी खराबी के कारण मोनो रेल का परिचालन बंद हो जाता था। मोनो को सबसे बड़ा झटका नवंबर २०१७ में लगा था जब इसके दो कोच में आग लग गई थी। इस घटना के बाद मोनो सेवा ने १० महीने विराम ले लिया था।
मुंबई में शुरू हुई यह देश की पहली मोनो रेल थी। इसकी शुरुआत १ फरवरी २०१४ को हुई थी। मुंबईकरों का मानना है कि मोनो के पहले चरण की अपेक्षा इसका दूसरा चरण काफी हिट साबित होगा। संजय सुर्वे का कहना है कि मोनो रेल का पहला चरण ऐसे रूट से जा रहा था, जिसका कोई मतलब ही नहीं था। मोनो रेल जिस रूट से गुजरी उसका फायदा मोनो रेल प्रशासन को तो नहीं हुआ लेकिन बिल्डर लॉबी को जरूर हुआ क्योंकि जिस रूट से मोनो का पहला चरण गुजरा वहां पर घरों के भाव बढ़ गए,
वहीं पवन गुप्ता का कहना है कि मुंबईकर शुरुआत से ही चाहते थे कि मोनो के पहले चरण की बजाय इसका दूसरा चरण पहले शुरू हो। मोनो का दूसरा चरण जहां से होकर गुजर रहा है वह घनी आबादीवाला इलाका है। ऐसे में मोनो रेल को इस नए रूट पर यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलेगा।