मोनो से मुंह मोड़ने लगे यात्री, मार्च में ४० प्रतिशत सेवाएं रद्द

चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक तक मोनो रेल कॉरिडोर का पूरा परिचालन-४ मार्च से शुरू हो चुका है। शुरुआत में वडाला डिपो से संत गाडगे महाराज चौक तक मोनो रेल को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा था लेकिन मोनो में होनेवाली तकनीकी खामी व रोजाना लेट हो रही मोनो डार्लिंग ने यात्रियों को रुसवा कर दिया है। रोजाना मोनो रेल सेवा लेट होने से एक ओर जहां मोनो में सफर करनेवाले यात्रियों का ग्राफ गिरा है वहीं जब से मोनो रेल के पूरे कॉरिडोर का परिचालन शुरू हुआ है तब से औसतन ६० प्रतिशत सेवाएं ही चला पाने में मोनो रेल प्रशासन सफर रहा है।
बता दें कि जब से मोनो रेल का चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक तक पूरे कॉरिडोर का परिचालन शुरू हुआ है। शुरुआत के एक महीने में औसतन रोजाना ४० प्रतिशत सेवाएं रद्द हुई हैं। इसकी वजह से मोनो रेल के बने बनाए ग्राहकों ने भी मोनो डार्लिंग के सफर से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया है। शुरुआत में मोनो रेल से रोजाना लगभग २२ से २५ हजार यात्री सफर कर रहे थे, वहीं अब औसतन रोजाना १७ हजार यात्री सफर कर पा रहे हैं। मोनो रेल के यात्री कम होने की वजह मोनो की घटिया सेवा बताई जा रही हैं। सिद्धार्थ जाधव रोजाना सुबह चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक जाते हैं। जाधव का कहना है कि लोकल की भीड़ और समय बचाने के लिए मोनो रेल अच्छा साधन है लेकिन रोजाना इसकी सेवाएं लेट हो रहीr हैं, वहीं एक निजी कंपनी में क्लर्क का काम करनेवाले प्रथमेश चव्हाण का कहना है कि सुबह वडाला डिपो से मोनो पकड़ता हूं लेकिन ६ में से ४ दिन ट्रेन लेट ही रहती है। ऐसे में मोनो की बजाय लोकल से सफर करना मेरे लिए उचित हो गया है। फिलहाल चव्हाण रेगुलर मोनो से सफर करने से परहेज करने लगे हैं। बता दें कि जब ४ मार्च को मोनो के पूरे चरण की सेवा शुरू हुई थी तो एमएमआरडीए ने रोजाना १३१ सेवाएं संचालित करने की बात कही थी लेकिन मार्च महीने में औसतन रोजाना ७९ सेवाएं ही संचालित हो पाई हैं और इन सेवाओं से रोजाना १७ हजार यात्री ही सफर कर पाए हैं। कम सेवाओं के परिचालन की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि मोनो रेल प्रशासन के पास मोनो के १० रेक में से महज ४ रेक ही सेवा में शामिल हैं। पिछले एक महीने से जो रेक सेवा में हैं, उनमें से दो रेक रूटीन मरम्मत व जांच कार्य में होने के कारण सेवा में शामिल नहीं हो पा रहे हैंै। कम सेवाएं होने के कारण मोनो के आने का इंतजार भी यात्रियों के लिए बढ़ रहा है।