मोनो है कि मानती नहीं, चेंबूर स्टेशन के पास फंसी, बार-बार आती खामी

मूसलाधार बारिश के कारण हाल ही में मोनो रेल की यात्री संख्या में ३० प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। यात्री संख्या में अचानक हुई वृद्धि से एक बार फिर घाटे में चल रही मोनो को यात्री मिलने की उम्मीद जगी थी। जाहिर सी बात है कि यात्री बढ़ेंगे तो मुनाफा भी बढ़ेगा लेकिन मोनो है कि मानती नहीं।
मॉनसून के दौरान सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि कल एक बार फिर मोनो रेल में तकनीकी खराबी आने के चलते मोनो रेल सेवा लड़खड़ा गई। ऐसे में सुबह के समय सफर करनेवाले मोनो रेल के यात्रियों को मायूसी हाथ लगी। सोमवार को मोनो रेल सेवा फिर एक बार लड़खड़ा गई। मोनो रेल के चेंबूर स्टेशन के पास मोनो रेल फंस गई। पता लगाने पर यह मालूम पड़ा कि मोनो रेल में तकनीकी खराबी आने के चलते मोनो रेल बंद पड़ गई है। ऐसा पहली बार नहीं है कि परिचालन के दौरान मोनो ने रेल यात्रियों को बीच सफर में धोखा दिया हो। इसके पहले कई दफा तकनीकी खराबी के कारण मोनो की सेवा ठप पड़ चुकी है। इससे पहले मोनो रेल में आग की घटना घटने से करीब १० महीने मोनो सेवा बंद थी। जब दोबारा मोनो का परिचालन शुरू हुआ तो अगले ही दिन फिर से तकनीकी खामी के कारण मोनो सेवा प्रभावित रही। उस दौरान भी चेंबूर नाका के पास मोनो सेवा बंद पड़ गई थी।
चेंबूर निवासी सुनीता शिंदे (३४) ने बताया की इन दिनों बारिश काफी तेज हो रही है। वडाला, किंगसर्कल आदि जगहों पर जलजमाव होता है। लोकल सेवाएं भी देरी से चलती हैं। ऐसे में मोनो रेल बारिश में यात्रा का सही विकल्प है लेकिन मोनो रेल में खराबी से एक बार फिर वही परेशाानी लोगों को झेलनी पड़ रही है।