मोहित के बढ़ते कदम

रुचि जब जुनून बन जाय तो मंजिल तक पहुंचा ही देती है। आम बच्चों की तरह बचपन में मोहित अवस्थी का भी रुझान विभिन्न खेलों में था। जैसे-जैसे मोहित बड़े होते गए, क्रिकेट के प्रति उनकी रुचि बढ़ती गई। जैसा कि अक्सर हर क्रिकेटर करता है, मोहित ने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया। बाद में अपने कॉलेज से लेदर गेंद से खेलना शुरू किया। कॉलेज टूर्नामेंट में अपने परफॉर्मेंस से उनकी पहचान बनी। फिर मोहित ने क्रिकेट में ही करियर बनाने के बारे में सोचना शुरू किया। हालांकि मोहित पढ़ाई में भले ही औसत छात्र रहे लेकिन उनकी प्रतिभा क्रिकेट के मैदान में निखरती गई। पढ़ाई और क्रिकेट में सामंजस्य बिठाते हुए मोहित स्नातक हुए। सियाराम पहली कंपनी थी जहां मोहित ने पेशेवर क्रिकेटर के रूप में क्रिकेट खेलना शुरू किया। इसके बाद टोयोटा के साथ जुड़े। मोहित के करियर का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा था कि एक दुर्घटना में उनके घुटने का ऑपरेशन करना पड़ा और उनके करियर पर ब्रेक लग गया। उन्होंने ठीक होते ही फिर से प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। ठीक होने के बाद मोहित को पीजे हिंदू जिमखाना के लिए खेलने का मौका मिला। यहां उनका खेल सुधरा ही, उन्होंने अपने खेल से सबको अचंभित भी कर दिया। उनके बेहतरीन खेल से क्लब दो साल चैंपियनशिप जीता। फिर मई २०१९ में मोहित को मुंबई के प्रतिष्ठित टी-२० टूर्नामेंट एमपीएल खेलने का बुलावा आया। वहां अच्छा प्रदर्शन कर मोहित ने अपनी प्रतिभा से सबको ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि जिद और मेहनत से सफलता आपके कदम चूमने को मजबूर हो जाती है। कभी हार न मानने की जिद और लगातार प्रयास से एक दिन मोहित रणजी ट्रॉफी और टीम इंडिया में भी शामिल अवश्य होंगे, ऐसा उनके चाहनेवालों को पूरा विश्वास है।