मौत का खंभा, होगा लंबा, खंभों को गाड़ने में नियमों की अनदेखी

मुंब्रा से कलवा के बीच रेलवे की सुरंग स्थित है। सुरंग के पास के खंभा नंबर ३८/४ तथा ३८/५ को खूनी खंभा कहा जाता है। नियमानुसार पटरी से खंभे की दूरी २.४४ मीटर होनी चाहिए पर रेलवे ने नियमों की अनदेखी कर खंभों को २.३६ मीटर पर ही गाड़ दिया था। लगातार की गई शिकायतों के मद्देनजर शनिवार को रेलवे के अधिकारी प्रेमप्रकाश तथा वारिष्ठ अभियंता राकेश पी द्वारा मौके का मुआयना किया गया। अधिकारियों ने खंभे की दूरी कम होने की बात स्वीकार की और खंभा क्रं. ३८/४ हटाकर ३.१० मीटर की दूरी पर कर दिया है। खंभा क्रं. ३८/५ को भी शीघ्र हटा लेने की बात अधिकारियों द्वारा कही गई है।
खंभों को गाड़ने में नियमों की अनदेखी
मुंब्रा से कलवा के बीच रेलवे की सुरंग स्थित है। सुरंग के पास के खंभा नंबर ३८/४ तथा ३८/५ को खूनी खंभा कहा जाता है। नियमानुसार पटरी से खंभे की दूरी २.४४ मीटर होनी चाहिए पर रेलवे ने नियमों की अनदेखी कर खंभों को २.३६ मीटर पर ही गाड़ दिया था। लगातार की गई शिकायतों के मद्देनजर शनिवार को रेलवे के अधिकारी प्रेमप्रकाश तथा वारिष्ठ अभियंता राकेश पी द्वारा मौके का मुआयना किया गया। अधिकारियों ने खंभे की दूरी कम होने की बात स्वीकार की और खंभा क्रं. ३८/४ हटाकर ३.१० मीटर की दूरी पर कर दिया है। खंभा क्रं. ३८/५ को भी शीघ्र हटा लेने की बात अधिकारियों द्वारा कही गई है।
लोकल की गति और सुरंग का हुक
सुबह के समय सीएसटीएम की तरफ जानेवाली लोकल गाड़ियों में घुसने के लिए मुंब्रावालों के लिए कोई जगह होती ही नहीं है। इसके बावजूद नवयुवक जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश में गेट पर ही लटके रह जाते हैं। गेट पर लटकनेवाले लोग अक्सर सुरंग में लगे हुक में फंसकर नीचे टपक जाते हैं या लोकल की तेज गति होने के कारण उनके सिर सुरंग की दीवार से टकरा जाते हैं। पिछले सप्ताह सुरंग में हुई दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई थी तथा एक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसी दुर्घटना के बाद मिली शिकायतों पर अधिकारियों ने दौरा किया। मौके पर मौजूद मुंब्रा प्रभाग समिति की अध्यक्षा अनीता राजन किने के साथ बातचीत में अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर केबल से लगे हुक को मेगाब्लाक के दौरान हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।