मौत का मोड़, मेट्रो के जानलेवा बैरिकेड्स

मुंबई में हर जगह मेट्रो निर्माण का कार्य चल रहा है। ऐसे में चाहे उपनगरीय क्षेत्र हो, पश्चिमी क्षेत्र हो या मध्य मुंबई, निर्माणाधीन मेट्रो की शिकायतें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। कभी मेट्रो के कार्य के कारण लोगों के घरों में दरारें पड़ जाती हैं तो कभी यातायात बाधित होने के कारण आपस में नोक-झोंक और मारपीट देखने को मिलती है। ऐसे में अब लोगों की शिकायत है कि मेट्रो कार्य में सड़कों पर रखी गई यू टर्न की जगह लोगों के लिए मौत का मोड़ साबित हो सकती है। मेट्रो के द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स की ऊंचाई अधिक होने के कारण लोग यू टर्न पर सामने से आनेवाले वाहनों को देख नहीं पाते और हादसों का शिकार हो जाते हैं।
बता दें कि कांजूरमार्ग (प.) में चल रहे मेट्रो के कार्य के कारण लोगों को बहुत-सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यहां औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण वाहनों का आवागमन अधिक रहता है। ऐसे में घंटों तक ट्रैफिक जाम रहने के साथ-साथ लोगों को अपनी जान भी जोखिम में डालकर चलनी पड रही है। नगरसेविका राज राजेश्वरी रेडकर ने बताया कि यू टर्न पर बैरिकेड्स की ऊंचाई अधिक होने के कारण आमने-सामने के वाहन एक-दूसरे को देख नहीं पाते और हादसे का शिकार हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि एमएमआरडीए को वहां पर व्यक्ति विशेष को हर समय तैनात रखना चाहिए। इसके अलावा मेट्रो के कारण फूटी पाइप लाइंस से पानी सड़कों पर पैâल जाता है, जिससे मोटरसाइकिल फिसलने का खतरा बढ़ता है और लोग हादसों की चपेट में आ जाते हैं। पवई की रहनेवाली दीपिका मीणा ने बताया कि शुक्रवार को वे स्कूटी लेकर एलबीएस रोड से गुजर रही थीं। सड़क गीली होने के कारण उनकी स्कूटी फिसल गई और वो बड़े हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बची। इस बारे में जब एमएमआरडीए के ज्वाइंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर व प्रवक्ता दिलीप कवटकर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में कोई बात नहीं कर सकता, इसके लिए डायरेक्टर से संपर्क किया जाए।