मौत के पार राहत है, पटरी पार कर यात्री बुझाते हैं प्यास

गर्मी के मौसम में पानी से बड़ा इंसान के लिए कोई और सहारा नहीं होता है। पानी की किल्लत के चलते महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के निवासी कोसों दूर जाकर अपनी प्यास बुझाने का जुगाड़ करते हैं। तो वहीं शहरों में टैंकर लोगों की प्यास बुझाते हैं। आज-कल बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर यात्री रेलवे की कुव्यवस्थाओं का शिकार हो रहे हैं। यहां खान-पान का स्टॉल न होने के कारण मेल-एक्सप्रेस ट्रेन के यात्री अपनी प्यास बुझाने के लिए पटरी पार करते हैं।
जानकारी के अनुसार करीब आधा दर्जन लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्री प्लेटफॉर्म पर खान-पान का स्टॉल नहीं होने के कारण परेशान हैं। इन यात्रियों को पटरियां पार करके दूसरे प्लेटफॉर्म के स्टॉल्स पर सामान खरीदने के लिए जाना पड़ता है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेनों की संख्या बढ़ती जा रही है। किसी जमाने में २ प्लेटफॉर्म हुआ करते थे, अब यहां ७ प्लेटफॉर्म हैं। कुछ समय पहले प्लेटफॉर्म १ बना था, लेकिन यहां पर एक भी स्टॉल नहीं है। यहां पर इंटरसिटी एक्सप्रेस, अरावली एक्सप्रेस समेत करीब आधा दर्जन ट्रेनें हॉल्ट होती हैं। यात्रियों का इस कदर बुरा हाल है कि यदि कोई अकेली महिला यात्री या पुरुष यात्री हो, तो उन्हें पानी खरीदने के लिए मुसीबतें उठानी पड़ेंगी। सूत्रों के अनुसार यहां कुछ समय पहले दो स्टॉल खुले थे लेकिन किसी कारण वे जल्दी ही बंद हो गए।
बांद्रा टर्मिनस का जायजा लिया गया तो स्टॉलवालों का कहना था कि अब उन्हें उतनी ट्रेनें नहीं मिलतीं, जितनी पहले हुआ करती थीं। २ नंबर प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के हॉल्ट होने की जगह के बावजूद ट्रेन १ नंबर पर खड़ी कर दी जाती है। ऐसे में यात्रियों को पटरी पार करके २ नंबर पर आना पड़ता है। अरावली एक्सप्रेस से अजमेर जाने वाले यात्री शबनम शेख (४८) ने बताया कि पिछली बार भी उनकी गाड़ी १ नंबर पर थी। इस बार कई यात्री पटरी पार करके दूसरे प्लेटफॉर्म पर सामान खरीदने जा रहे थे। शबनम ने बताया कि उन्हें भी पानी की जरूरत थी लेकिन पटरी पार करने की हिम्मत नहीं हुई। सहयात्री को पैसे देकर पानी मंगाना पड़ा।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रवींद्र भाकर ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर एक को भीड़ से मुक्त रखने की योजना है, इसलिए पहले से ही इसे स्टॉलमुक्त रखने का विचार है। भाकर ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म स्टेशन के मुख्य परिसर (अहाते) से जुड़ा हुआ है, यहां कई स्टॉल्स हैं।