मौत के मकान, साढ़े ५ साल में २३४ की गई जान

मुंबई में लगातार आग लगने तथा इमारतों के गिरने की घटनाएं घट रही हैं, जिनमें अब तक सैकड़ों मुंबईकर अकाल रूपी काल का ग्रास बन चुके हैं। एक अनुमान के अनुसार पिछले साढ़े ५ वर्षों में जितनी मौतें आतंकवादी हमलों में नहीं हुई हैं, उससे ज्यादा लोग मकान (इमारत) गिरने से अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे यह कहना गलत नहीं होगा कि मुंबई के मकान अब मौत के मकान बनते जा रहे हैं। रविवार को गोरेगांव में घटी घटना इसका ताजा उदाहरण है। जहां तल +२ मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से ३ लोगों की मौत हो गई।
बता दें कि गोरेगांव-पश्चिम के मोतीलाल नगर-३ स्थित म्हाडा चाल में निर्माणाधीन तल +२ मंजिला मकान कल सुबह ९.१५ बजे के करीब अचानक भर-भराकर ढह गया। इस हादसे में घायल ११ लोगों को गोरेगांव पश्चिम स्थित सिद्धार्थ अस्पताल में ले जाया गया, जिनमें श्रवण कुमार गोरेमंडल, सुभाष चौहान सहित एक अन्य को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया जबकि घायल मंगल बंसा, मुन्ना शेख, शेखर, शीनू, हरि वडार, शंकर पटेल, सरोज वडार तथा रमेश निषाद का अस्पताल में इलाज चल रहा था। गौरतलब हो कि मुंबई में मकान गिरने की यह पहली घटना नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख को मनपा डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुंबई में वर्ष २०१३ से २०१८ तक २,७०४ इमारतें हादसाग्रस्त हुई हैं। इन हादसों में २३४ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ८५० से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार २०१३ में कुल ५३१ इमारत गिरी थीं, जिनमें कुल ५८ पुरुष तथा ४३ महिलाओं सहित १०१ लोगों की मौत हुई थीं तथा १८३ लोग घायल हुए थे। इसी तरह वर्ष २०१४ में ३४३ हादसों में १७ पुरुष तथा ४ महिलाओं सहित २१ लोगों की मौत हुई थी जबकि कुल १०० लोग जख्मी हुए थे। बात करें वर्ष २०१५ की तो ४१७ हादसों में ११ पुरुष तथा ४ महिलाओं सहित १५ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जबकि १२० घायल हुए थे। वर्ष २०१६ में ४८६ इमारतों के गिरने से १७ पुरुष व ७ महिलाओं सहित २४ लोगों की मौत हुई, वहीं १७१ लोग घायल हुए थे। इसी तरह वर्ष २०१७ में घटी इमारत गिरने की ५६८ घटनाओं में ४४ पुरुष तथा २२ महिलाओं सहित ६६ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जबकि १६५ लोग जख्मी भी हुए थे। वर्ष २०१८ की १ जनवरी से ३१ जुलाई २०१८ तक इमारत गिरने की ३५९ घटनाओं में ५ पुरुष व २ महिलाओं समेत ७ लोगों की मौत हुई थी, वहीं १०० लोग जख्मी भी हुए थे।