मौत को बांटते ट्रांसफॉर्मर

उल्हासनगर शहर में बिजली विभाग की अनदेखी के चलते बिजली के खुले तार व खुले में रखे गए ट्रांसफॉर्मर लोगों को मौत की दावत दे रहे हैं। बिजली के खुले तारों के संपर्क में आने तथा ट्रांसफॉर्मर से मैदान में खेलते बच्चे व एक अधेड़ व्यक्ति की खुले तार के संपर्क में आने से मौत हो चुकी हैं।
बिजली विभाग की दर्द भरी गाथा `कमला नेहरू नगर रहिवासी संघ’ के अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि उल्हासनगर के बिजली विभाग के कर्मचारी व अधिकारी केवल बिल लेना अपना अधिकार समझते हैं। खुले ओवर वायर जहां एक तरफ लटक रहे हैं, वहीं पर असुरक्षित ट्रांसफॉर्मर के चलते कई लोगों की मौतें हो चुकी हैं। बिजली विभाग द्वारा लगाई गई लोहे की जाली नशेड़ी, भंगारवाले चुरा ले गए। ट्रांसफॉर्मर के सामने मनपा ने कई जगह पर कचरा फेंकने का स्थान बना दिया है। कचरे में आग लगाई जाती है और बिजली के केबल तक जल जाते हैं।
`मानव सेवा मंडल’ के अध्यक्ष डॉ.एस. बी. सिंह का कहना है कि बिजली विभाग लाइट के खंभे, बिजली के लटकते तार, ट्रांसफॉर्मर की सुरक्षा सही तरह से नहीं कर पा रहा है। कमला नेहरू नगर में दुबे पान की दुकान ट्रांसफॉर्मर के नीचे ही है। कई बार आग लग चुकी हैं। आजाद नगर में गेंद लेने ट्रांसफॉर्मर के अंदर जाने से एक मासूम की बिजली का झटका लगने से मौत हो चुकी है। अभी हाल ही में १६ मई की दोपहर को गोल मैदान परिसर के निवासी हरनाम गोपीचंद डिंगरा (५४) की मौत हो गई, जो हरनाम मधुबन चौक के पास, त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के पास लगे २२ केवी के ट्रांसफॉर्मर के पास खाली जगह में लघुशंका करने गए थे। पैर फिसला बिजली के खुले तार के संपर्क में आने से जगह पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके पहले भाजपा कार्यालय, लक्ष्मी मार्केट के ठीक नीचे जेठानंद दाल पकवान बेचनेवाले पर बिजली का तार टूटकर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। उसके कुछ दिन पहले बिजली के तार के संपर्क में आने से दो लोगों की मौत हो गई थी। उल्हासनगर में बढ़ती दुर्घटना को रोकने के लिए भूमिगत बिजली के केबल डालने की मांग लंबे समय से चल रही है।
उल्हासनगर बिजली विभाग १ के कार्यकारी अभियंता राम डी. राठौड़ ने बताया कि उल्हासनगर एक से तीन के बीच ३१४ ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। अभियंता राठौड़ ने सभी ट्रांसफॉर्मरों को सुरक्षित बताया। उन्होंने ट्रांसफार्मर के गेट के सामने कचरा न फेंकने की चेतावनी दी। तीनों विभाग के कनिष्क अभियंताओं के मार्फत उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त को भी ट्रांसफॉर्मर के सामने कचरा न फेंकने के लिए लिखित पत्र दिया गया है। राठौड़ ने बताया कि कई जगह पर उच्चतम दाब के खंभे के नीचे लोगों ने मकान बना रखे हैं। विभाग भी संबंधित विभाग को पत्र देकर अपनी जवाबदारी से पल्ला झाड़ लेता है। पुलिस व मनपा को ऐसी स्थिति में पत्र दिया गया है।