म्हाडा का महागिफ्ट! माता-पिता और बेटे को लगा म्हाडा का फ्लैट 

एक कहावत है कि देनेवाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़ के…यह कहावत म्हाडा मकान के लिए लॉटरी में हिस्सा लेनेवाले एक परिवार पर सटीक बैठी है। देनेवाले ने इस परिवार को इस बार म्हाडा मकानों की लॉटरी में छप्पर फाड़ के दिया है। इस परिवार के माता, पिता और बेटे सभी के नाम की लॉटरी एक साथ निकली है। घरों का सपना साकार करनेवाली म्हाडा में इस बार जहां लाखों बेघरों को घर नहीं लगने पर वे मायूस हुए हैं, वहीं इस लॉटरी में जीत की हैट्रिक लगानेवाला परिवार काफी खुश था।
भले ही इस परिवार को लॉटरी में तीन घर लगा है परंतु म्हाडा नियमानुसार पति और पत्नी के नाम पर एक ही घर मिलने के नियम के चलते इस परिवार को दो मकान में से एक ही मकान मिलेगा। टिटवाला में रहनेवाले तड़वी परिवार में उनके बेटे रमीज तड़वी को एंटाप हिल में तथा माता-पिता को कांदिवली स्थित महावीर नगर में लॉटरी लगने से उनका मकान का सपना साकार हुआ है। इस बार  म्हाडा लॉटरी में १,३८४ घरों के लिए १,६४,४५८ आवेदन आए थे। अधिक आवेदन का श्रेय शिवसेना विधायक व म्हाडा अध्यक्ष उदय सामंत को जाता है, जिनके प्रयास से इस बार मकानों की कीमत तीस से पैंतीस प्रतिशत कम हुई थी। गौरतलब है कि कल म्हाडा कार्यालय में मुंबई की १,३८४ घरों की लॉटरी निकाली गई। ढोल, नगाड़े व तुतारी की गूंज से विजेताओं का स्वागत करते हुए घरों की लॉटरी निकाली गई। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के चलते लोगों की भीड़ कम थी। इस बार की लॉटरी में आकर्षण का केंद्र टिटवाला का तड़वी परिवार रहा। कई वर्षों से म्हाडा का फॉर्म यह परिवार भर रहा था और इस बार भाग्य ने तीनों माता,पिता व बेटे को विजेता बनाया है। बेटे रमीज तड़वी ने कहा कि ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। मैं चार घंटा ट्रेन के धक्के से बच गया। जिन लोगों को घर नहीं लगा है उनके लिए मुंबई से सटे मीरारोड, विरार, ठाणे आदि इलाकों में बन रहे म्हाडा के पांच हजार घरों की लॉटरी का विज्ञापन जनवरी में आने की घोषणा गृहनिर्माण मंत्री ने की है।