म्हाडा का रु. १७५ करोड़ खा गए पुलिसवाले, ५,७०२ फ्लैट का मेंटेनेंस बकाया

मुंबई की दर्जनों पुलिस कॉलोनियों में रहनेवाले ५,७०२ पुलिसकर्मियों के मकानों के मेंटेनेंस का करोड़ों रुपए खाने का मामला सामने आया है। १९६९ से २०१८ तक म्हाडा द्वारा पुलिस को दिए गए मकानों के मेंटेनेंस की रकम १७५ करोड़ ३२ लाख रुपए म्हाडा के पुलिस विभाग ने नहीं भरे हैं। म्हाडा द्वारा पैसे भरने की जारी नोटिस का कोई जवाब पुलिस कमिश्नर ने नहीं दिया है। इतना ही नहीं जर्जर हुई पुलिस कॉलोनियों में रहनेवाले पुलिसकर्मी अब मुफ्त में मकान की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मुंबई की दर्जनों पुलिस कॉलोनियों में रहनेवाले पुलिसकर्मियों के बकाया मेंटेनेंस की रकम वसूलने के लिए म्हाडा को चने चबाने पड़ रहे हैं। म्हाडा १९६९ से ही पुलिस विभाग को पुलिस क्वॉर्टर्स के रूप में अपने मकान देती आई है। जिसमें बांद्रा-पूर्व व पश्चिम, कुर्ला, गोरेगांव, चेंबूर, घाटकोपर, मुलुंड, धारावी, प्रतीक्षानगर, मालाड आदि पुलिस क्वॉर्टर्स शामिल हैं। इन कॉलोनियों में रहनेवाले पुलिसकर्मियों से गृह विभाग उनके वेतन से मिलनेवाला घर किराया बाकायदा प्रति महीना काटता आया है किंतु गृह विभाग ने इन मकानों के मेंटेनेंस का पैसा म्हाडा को नहीं दिया है। म्हाडा बार-बार इसकी नोटिस जारी करती रही है किंतु पुलिस विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब कई पुलिस कॉलोनियों की अवस्था जर्जर हो गई है, उनका पुनर्विकास करने के लिए पुलिस आला अधिकारी म्हाडा पर दबाव डाल रहे हैं लेकिन म्हाडा पहले बकाया राशि अदा करने की बात कह रही है। म्हाडा के मुख्य अधिकारी (सीओ) दीपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि पैसे भरने को लेकर उनकी बात पुलिस अधिकारियों से हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि म्हाडा पुनर्विकास करके पुलिस को घर देने के बाद बचे हुए मकानों को बेचकर अपना पैसा वसूले, इस तरह की बात कुशवाहा ने कही। बदा देंं कि म्हाडा का सरकारी क्वॉर्टर्स के रूप में यह पहला मामला बकाया राशि को लेकर नहीं है, इसके पहले आयकर विभागवालों का भी करोड़ों रुपए बकाया होने का मामला उजागर हो चुका है।