म्हाडा की पुरानी इमारतों ने ली ८९४ लोगों की बलि, १,१८३ हुए घायल

दक्षिण मुंबई में स्थित म्हाडा की पुरानी इमारतें निवासियों के लिए मौत बनती जा रही हैं। रिपेयरिंग व जर्जर हुई इमारतों ने पिछले ४० वर्षों में ८९४ लोगों की बलि ली है जबकि १,१८३ लोग घायल हो चुके हैं। सौ वर्ष पुरानी इनमें से कई इमारतें बांस के सहारे खड़ी हैं तो कई जर्जर अवस्था में आ गई हैं। म्हाडा रिपेयर बोर्ड प्रतिवर्ष अतिजर्जर इमारतों की सूची जाहिर करती है। इन इमारतों के निवासियों का म्हाडा अपने ट्रांजिट वैंâपों में पुनर्वसन करती है लेकिन कई निवासी वहां जाने का विरोध कर उन्हीं इमारतों में जबरन रहते हैं। यदि समय रहते इन इमारतों की मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा होने की संभावना है।
गौरतलब है कि म्हाडा रिपेयर बोर्ड अंतर्गत म्हाडा की १६ हजार इमारतें मुंबई दक्षिण क्षेत्र व आसपास में है। ये सारी इमारतें सौ वर्षों से अधिक पुरानी हो चुकी हैं। म्हाडा प्राधिकरण में इसे गंभीरता से लिया गया है। म्हाडा ने हाल ही में पिछले चालीस वर्षों में हुए हादसों में मारे गए लोगों व घायलों की सूची बनाई, जिससे मृतकों और घायलों का आंकड़ा सामने आया है। म्हाडा रिपेयर बोर्ड के अध्यक्ष विनोद घोसालकर ने इस संबंध में कहा कि इन इमारतों की हालत बेहद गंभीर है। इनकी मरम्मत व पुनर्विकास की अति आवश्यकता है। म्हाडा प्राधिकरण को इन इमारतों को निधि जल्द उपलब्ध करानी चाहिए।