म्हाडा को सरकार लौटाएंगी ८०० करोड़ , मामला धारावी विकास प्रकल्प की जमीन का

समृद्धि महामार्ग के लिए एक हजार करोड़ म्हाडा से लेनेवाली सरकार अब धारावी विकास प्रकल्प की जमीन के लिए ८०० करोड़ रुपए मांग रहीr है। म्हाडा कर्मचारी और अधिकारियों के विरोध के बाद सरकार ने तीन महीने में इस ८०० करोड़ रुपए को म्हाडा को वापस करने का एलान किया है। म्हाडा यूनियन के पदाधिकारियों ने दो दिन पूर्व म्हाडा उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई थी। बता दें कि म्हाडा के पास विभिन्न बैंकों में दो हजार करोड़ रुपया जमा है, जिसमें कर्ज के तौर पर सरकार म्हाडा से मांग रही है।
गौरतलब है कि धारावी विकास प्रकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने रेलवे से तीन हजार आठ सौ करोड़ में जमीन खरीदी है। इतनी बड़ी रकम के लिए राज्य सरकार ने म्हाडा की तिजोरी से ८०० करोड़ रुपए कर्ज के तौर पर मांगा है। इसके पहले भी कई बार सरकार म्हाडा से पैसे ले चुकी है। सरकार ने ४५ एकड़ रेलवे की जमीन पर ट्रांजिट वैंâप बनाकर धारावीकरों को पुनर्वसन करने का निर्णय लिया है। इस खबर के बाद म्हाडा यूनियन व कर्मचारियों को अपने वेतन का डर सताने लगा। म्हाडा डूबने के भय से यूनियन ने पत्र द्वारा अपना विरोध दर्शाया। कल मुख्यमंत्री ने म्हाडा मुंबई मंडल सभापति मधु चव्हाण व अन्य पदाधिकारियों की बैठक लेकर इसे तीन महीने में ब्याज सहित लौटाने की बात कही है।