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‘यस बैंक संकटनोटबंदी की देन’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने यस बैंक संकट को लेकर शुक्रवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा है। चिदंबरम ने दावा किया कि यह वित्तीय संस्थानों को नियंत्रित एवं विनियमित करने की सरकार की क्षमता को दिखाता है। बता दें कि यस बैंक की हालत इतनी खराब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक से पैसे निकालने की सीमा तक तय कर दी है।
यस बैंक के ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक से प्रति अकाउंट ५० हजार रुपए तक की निकासी तय कर दी है। यस बैंक संकट के दौर से गुजर रहा है। यहां तक कि दिन के कारोबार के दौरान यस बैंक के शेयर ५० फीसदी तक गिर गए। पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने दावा किया कि भाजपा ६ साल से सत्ता में है। वित्तीय संस्थानों को नियंत्रित और विनियमित करने की उनकी क्षमता उजागर होती जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि पहले पीएमसी बैंक, अब यस बैंक। क्या सरकार बिल्कुल भी चिंतित नहीं है? क्या वह अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं? क्या अब कतार में कोई तीसरा बैंक है?