यहां दलालों का बोलबाला है

आरटीओ के ५ दलाल धराए, जांच के घेरे में आरटीओ के अधिकारी

अधिकारियों तथा दलालों की मिलीभगत से आरटीओ कार्यालय का हर काम पैसा से हो जाता है, यह हर कोई जानता है। ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर परमिट रजिस्ट्रेशन तक के काम आरटीओ के बाहर मौजूद दलालों के माध्यम से ही होता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए काम के एवज में पैसा मांगनेवाले ५ दलालों को गिरफ्तार कर एसीबी अब रिश्वतखोर अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि ठाणे के हजूरी परिसर, एलआईसी कार्यालय के बगल स्थित न्यू आरटीओ कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में दलाल टेबल लेकर बैठे रहते हैं। इस कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर छोटे-बड़े हर वाहनों के पासिंग तथा उनके पंजीकरण का काम किया जाता है। किसी भी काम के लिए यहां बड़े हक से लोगों से पैसे की मांग की जाती है। अधिकारी भी पैसों का लेन-देन दलालों के माध्यम से ही करते हैं। बिना दलाल के कोई ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होनेवाली परीक्षा पास नहीं कर सकता है और बिना दलाल के कोई काम नहीं हो सकता है, यह आम धारणा बन गई है। आरटीओ के दलाल कभी सपने में भी नहीं सोचे होंगे कि जो खुलेआम यह व्यवसाय कर रहे हैं, वह कानूनी जुर्म है। दो शिकायतकर्ताओं ने अलग-अलग दलालों से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने तथा वाहन का पंजीकरण कराने हेतु खर्च के बारे में पूछताछ की थी और पूरी बातचीत मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। शिकायत के आधार पर विटावा निवासी किशोर जैन तथा इंदिरा नगर निवासी समीर काजी को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर बतौर एडवांस १,२०० रुपए लेते तथा लुइसवाड़ी निवासी उत्तम क्षत्रिय और सुबहान शेख उर्फ हसन को वाहन पंजीकरण के लिए ३,५०० रुपए मांगने के आरोप में ठाणे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गिरफ्तार कर लिया है। उक्त चारों दलालों के साथ एक अन्य दलाल को भी गिरफ्तार किया गया है। दलालों द्वारा काम के नाम रिश्वत की रकम किन-किन अधिकारियों को दी जाती है? इसकी भी जांच शुरू हो गई है। इस कार्रवाई से अधिकारियों तथा दलालों में हड़कंप मचा हुआ है।