यह हिंदुस्थान है, इटली नहीं!, सावरकर का अपमान करनेवालों को उद्धव ठाकरे की चेतावनी

कांग्रेस का घोषणापत्र देखा। इस घोषणापत्र में कांग्रेस ने १२४-अ धारा रद्द करने, कश्मीर को अलग पहचान देने, देशद्रोह किया तो देशद्रोह का मामला दर्ज नहीं करने, सेना को दिए गए विशेषाधिकार वापस लेने की घोषणा की है। इस घोषणापत्र की बखिया उधेड़ते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि फिर वहां सैनिकों को गुलेल देंगे क्या? नसीब… हम सैनिकों को बंदूक देंगे और गोलियां निकाल लेंगे, इतना ही कहना राहुल गांधी का बाकी रह गया था। अरे, यह इटली नहीं, हिंदुस्थान है। इन शब्दों में सावरकर का अपमान करनेवाले राहुल गांधी सहित कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस को शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी। उन्होंने जनता से सवाल किया कि ऐसी नपुंसक औलादों के हाथ में तुम सत्ता दोगे, बिल्कुल नहीं। मैंने कल प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि दो बार सर्जिकल स्ट्राइक की अब तीसरी बार पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा डालो, ऐसा शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के कहते ही ‘हिंदुस्थान जिंदाबाद’, ‘शिवसेना-भाजपा युति विजयी हो’ के नारों से आसमान गूंज उठा। शिवसेनापक्षप्रमुख गुहागर तहसील के शुंगारतली में रायगड लोकसभा के उम्मीदवार अनंत गीते की प्रचार सभा में बोल रहे थे।

शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमसे पूछते हो शर्म आती है क्या? इसकी बजाय शरद पवार से पूछो सबसे पहले वसंतराव की पीठ में खंजर भोंककर पुलोद की स्थापना कर मुख्यमंत्री बने। तुमने गद्दारी की, सोनिया गांधी विदेशी लगी और तुम बाहर निकल गए। फिर कांग्रेस के साथ वापस गए और हमें पूछते हो शर्म आती है क्या? ऐसा सवाल राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस से पूछते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैंने और प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ में हाथ लिया क्योंकि ये हाथ मजबूत हैं और इन मजबूत हाथों में ही आप देश देनेवाले हो। खुद शरद पवार कहते थे पृथ्वीराज चौहान के हाथ को लकवा मार गया है। जो खुद को आधार नहीं दे सकते वे क्या सरकार चलाएंगे?, ऐसा व्यंग्यात्मक सवाल भी उद्धव ठाकरे ने किया।