" /> यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रेलवे देती है तो लेने का नहीं

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रेलवे देती है तो लेने का नहीं

कोरोना से बचना है तो घर से लेकर निकलो कंबल-चादर
५ दिन में एक बार होती है धुलाई
८०० चादर रोज धोने की व्यवस्था
हटा दिए जाएंगे कर्टेन
यात्रीगण कृपया ध्यान दें! यदि आप लंबी दूरी का रेल सफर तय करने के लिए घर से निकल रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। रेल सफर के दौरान कोरोना वायरस से बचना है तो घर से निकलते समय अपने साथ चादर और कंबल लेकर ही निकलें। दरअसल, ट्रेनों में एसी में सफर करनेवाले यात्रियों को दिया जानेवाला कंबल १५ दिन में एक बार धुलता है, जो इन दिनों आपके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है इसलिए रेलवे देती है तो कंबल लेने का नहीं।
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि १५ दिन में एक बार रेलवे में कंबल धोया जाता है। रेलवे के पास फिलहाल ऐसा कोई सिस्टम नहीं है कि रोजाना इन्हें धोया जा सके। पश्चिम रेलवे के ग्रांट रोड में मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री है, जहां रोजाना ८०० चादर धोने की व्यवस्था है। इससे ज्यादा पश्चिम रेलवे की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में चादर धोने की क्षमता नहीं है जबकि पश्चिम रेलवे की ट्रेनों के कंबल की धुलाई अमदाबाद में होती है। अधिकारी का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए रेलवे ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अब रेल यात्रियों को कंबल न देते हुए केवल चादर देने का पैâसला किया गया है। वहीं मध्य रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से यात्रियों को बचाने के लिए सारे एसी कोच में लगनेवाले कर्टेन को हटाने का आदेश दे दिया गया है। ४ से ५ दिनों में सभी ट्रेनों के कर्टेन हटा दिए जाएंगे। मध्य रेलवे जनसंपर्क विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मध्य रेलवे में पुराने कंबल की जगह पर रेल यात्रियों को नए कंबल दिए जा रहे हैं, वहीं इस्तेमाल किए गए कंबल लॉन्ड्री में ७५ से ८० डिग्री सेल्शियस के तापमान में रखा जा रहा है ताकि कंबल में मौजूद सारे जीवाणु मर जाएं। वहीं एसी कोच का तापमान २३ से २५ डिग्री सेल्सियस रखने के लिए ही कहा गया है। इतना ही नहीं ऑनबोर्ड हाउस कीपिंग स्टाफ को कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिक या फिर छोटे बच्चों को सफर के दौरान जरूरत पड़ने पर ही कंबल दिया जाए। रेलवे भले ही कोरोना वायरस के संक्रमण से यात्रियों को बचाने के लिए कई एहतियात बरत ले लेकिन रेलवे का १५ दिन में धोया जानेवाला कंबल देने पर भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।