यात्री इंतजार में, मोनो भंगार में!

बंदरगाह पर अटके पड़े हैं पार्ट्स
ड्यूटी का पैसा डकार गई स्कोमी

 

मोनो रेल का दूसरा चरण कब शुरू होगा, मुंबईकर इसका ८ साल से इंतजार कर रहे हैं। मोनो के पार्ट्स इंपोर्ट ड्यूटी न भरने के कारण काफी समय से जेएनपीटी बंदरगाह पर अटके पड़े हैं, ऐसे में वडाला डिपो में रखी मोनो रेल कई महीनों से भंगार हो रही है। इंपोर्ट ड्यूटी का यह पैसा पूर्व में मोनो रेल का रख-रखाव व मरम्मत कार्य करनेवाली कंपनी ‘स्कोमी’ को भरना था लेकिन घाटे में चल रही मोनो रेल का रख-रखाव और मरम्मत कार्य करनेवाली स्कोमी कंपनी यह पैसा डकार गई। आखिरकार एमएमआरडीए ने इंपोर्ट ड्यूटी का यह पैसा कल भर दिया और अब जाकर मोनो रेल के दूसरे चरण की शुरुआत होने की उम्मीद जगी है।
बता दें कि मोनो रेल के पार्ट्स लगभग २५ दिन से जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर इंपोर्ट ड्यूटी न भरने के कारण पड़े थे। सूत्रों की मानें तो कल लगभग ४० से ५० लाख रुपए इंपोर्ट ड्यूटी एमएमआरडीए ने भरी तब जाकर मोनो के पार्ट्स मिलने का रास्ता साफ हुआ। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में एमएमआरडीए को मोनो के पार्ट्स मिल जाएंगे। स्कोमी कंपनी और एमएमआरडीए के बीच चल रहे विवाद के कारण मोनो रेल का दूसरा चरण समय पर शुरू नहीं हो पाया है। इसके समय पर शुरू न होने के पीछे की वजह यह भी है कि एमएमआरडीए को मोनो का रख-रखाव और मरम्मत कार्य करनेवाली कोई कंपनी नहीं मिल रही थी, जिसके बाद एमएमआरडीए ने मोनो के रख-रखाव व परिचालन की जिम्मेदारी खुद संभाल ली है। बता दें कि हाल ही में १ फरवरी को मोनो रेल के पहले चरण का ५ साल पूरा हुआ है। एमएमआरडीए फिलहाल वडाला-चेंबूर के पहले चरण को सिर्फ ३ रेकों की मदद से चला रही है, जबकि अतिरिक्त तीन कोच आपातकालीन सेवा के लिए वडाला डेपो में रखे हुए हैं। एमएमआरडीए के एक अधिकारी ने बताया कि हमें कम से कम १० रेक की जरूरत है ताकि मोनो रेल की प्रâीक्वेंसी बढ़ा सकें। हम १० नए रेक लेने जा रहे हैं। इसका टेंडर अगले महीने निकलेगा, वहीं अन्य एक अधिकारी का कहना है कि मोनो के पार्ट्स मिल जाने से ३ में से २ रेक को रिपेयर कर सेवा में लाया जाएगा। एमएमआरडीए के कमिश्नर आर.ए.राजीव से मोनो का दूसरा चरण कब शुरू होगा, इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मार्च में मोनो रेल का दूसरा चरण शुरू होगा।

डेडलाइन मिस
मोनो का दूसरा चरण वडाला से जेकब सर्कल के बीच साल २०१५ में ही शुरू होने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक दूसरे चरण ने २० डेडलाइन मिस की हैं। पहले और दूसरे चरण की लागत २,४६० करोड़ रुपए है।

दूसरा चरण
मोनो रेल का पहला चरण वडाला से चेंबूर साल २०१५ में शुरू हुआ था। मोनो का दूसरा चरण वडाला से जैकब सर्कल उपनगरीय रेल मध्य, हार्बर और पश्चिम रेलवे के स्टेशनों को कनेक्टिविटी देगा।

-बंदरगाह पर २५ दिन से पड़े हैं मोनो के पार्ट्स
– ४० से ५० लाख एमएमआरडीए ने भरी इंपोर्ट ड्यूटी
– पार्ट्स न मिलने से यार्ड में भंगार हो रही है मोनो डार्लिंग
– जल्द ही मोनो के पार्ट्स मिल जाएंगे
– मार्च में शुरू होगा दूसरा चरण
– नए पार्ट्स से फिट होगी दो मोनो रेक