" /> यूपी में अब साधुओं की शामत, फंदे में लटके मिले सत्येंद्रानन्द, सगरा पीठ के महंत गए जेल

यूपी में अब साधुओं की शामत, फंदे में लटके मिले सत्येंद्रानन्द, सगरा पीठ के महंत गए जेल

लचर कानून व्यवस्था को लेकर यूपी पुलिस की इन दिनों काफी बदनामी हो  रही है। अब तो साधु समाज भी सुरक्षित नहीं नजर आ रहा है। वह भी तब जबकि स्वयं गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ की सरकार है। २४ घंटे के भीतर घटित सुल्तानपुर की दो वारदातें सच बयां कर रही हैं। एक साधु की हत्या कर उनका शव उन्हीं के आश्रम के बाहर पेड़ में फंदे से लटका दिया गया। जबकि उदासीन पंथ के प्रसिद्ध सगरा आश्रम के महंत को संगीन जुर्म के आरोप में पुलिस उठा ले गई।

आरोप है कि गिरफ्त में आए महंत के विरोधी खेमे के लोगों ने आश्रम में जमकर तोड़ फोड़ भी की है। पहला वाकया है चांदा थाना क्षेत्र के छतौना बाजार के निकट स्थित एक पत्ता वीर बाबा आश्रम व मंदिर परिसर की। यहां रह रहे साधु सत्येंद्रानंद सरस्वती महाराज नागा बाबा (22) का शव गुरुवार की सुबह पेड़ में फंदे से लटका हुआ मिलने पर हड़कंप मच गया। साधु की मौत की सूचना पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। बताते हैं बाल योगी नागा बाबा मूलतः हिमाचल प्रदेश के थे। कुछ वर्षों से वे यहीं आश्रम बनाकर रहते थे। उन्होंने खुदकुशी की या हत्या कर उनके शव को पेड़ से लटकाया गया ? ये चर्चा का विषय है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम व जांच के बाद ही सच सामने आ सकेगा। वहीं दूसरी वारदात है लखनऊ-वाराणसी हाइवे के किनारे सुल्तानपुर के ही बन्धुवाकलां स्थित उदासीन पंथ के प्रसिद्ध सगरा आश्रम का।

ये वो ऐतिहासिक स्थल है जहां गुरुनानक देव जी महाराज भी प्रयागराज जाते वक्त ठहरे थे। अब ये आश्रम अपनी अकूत चल-अचल संपत्तियों की वजह से विवादों के घेरे में है। इस वक़्त यहां की गद्दी पर हैं महंत बाबा भरत दास (६२)। मूलतः फतेहपुर जिले के निवासी भरतदास की आपराधिक पृष्ठभूमि है। उनपर हत्या, जानलेवा हमले व धोखाधड़ी आदि के दर्जनों केस दर्ज हैं। आश्रम की गद्दी को लेकर गुटबाजी व रंजिश भी वर्षों से चली आ रही है। ऐसे ही एक धोखाधड़ी के मामले में लखनऊ की पीजीआई थाने की पुलिस ने गैरजमानती वारंट पर उन्हें उठा लिया और बुधवार को अदालत में पेश कर जेल भेजवा दिया।..लेकिन इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर (महंत भरतदास के विपक्षी खेमे से सांठगांठ) के गंभीर आरोप लग रहे हैं। क्योंकि गिरफ्तारी के लिए जब लखनऊ पुलिस आश्रम पहुंची तो साथ में आए लोगों ने जमकर तोड़फोड़ भी की। आरोप है कि आश्रम की बहुमूल्य प्रतिमाएं, मूल्यवान वस्तुएं व साजो-सामान आदि भी लोग उठा ले गए। जिसे लेकर उदासीन पंथ के अनुयायियों में जबरदस्त रोष व्याप्त है।